छत्तीसगढ़ में कोल्डड्रिफ कफ सिरप पर बैन की तैयारी, मुख्यमंत्री साय बोले– रिपोर्ट के बाद होगा फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोल्डड्रिफ कफ सिरप पर बैन लगाने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में रिपोर्ट मंगाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मध्य प्रदेश जैसी स्थिति छत्तीसगढ़ में भी पाई जाती है, तो इस दवा पर तुरंत बैन लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने यह बयान मीडिया से चर्चा के दौरान दिया। इसी दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं, भूपेश बघेल भी जाते हैं, और वहां कांग्रेस का क्या हश्र होता है, यह पूरे देश को मालूम है।”

इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए राज्य की खनन क्षमता और आर्थिक प्रगति पर बात की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां खनन उद्योग के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले महीने 9 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हुई थी और आज 5 नए खनिज ब्लॉकों की निविदाएं जारी की गई हैं।

उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में डीएमएफ फंड का सही उपयोग नहीं हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे दुरुस्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई रेत नीति 2025 लागू की गई है और आने वाले दिनों में 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी कराई जाएगी।

साय ने बताया कि कोल इंडिया के साथ एक नया एमओयू साइन किया गया है, जिससे खनन क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार खनन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी समान ध्यान दे रही है। 9 साल बाद आयोजित यह माइनिंग कॉन्क्लेव राज्य के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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