रायपुर। अटल नगर, नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आज से रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की शुरुआत हुई। यह उत्सव 23 से 25 जनवरी तक चलेगा और इसमें साहित्य, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने इसका उद्घाटन किया। उत्सव में देशभर के 120 ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, विचारक और बुद्धिजीवी शामिल हैं।
आज शाम 7 बजे फेमस अभिनेता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित मनोज जोशी नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन करेंगे। साथ ही बुक स्टॉल में हजारों साहित्य प्रेमी अपनी पसंदीदा किताबों के बीच नजर आएंगे। तीन दिनों में कुल 42 सत्र आयोजित होंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विषयों पर चर्चा होगी।
इस उत्सव में लेखक-कवि कमलेश कमल, डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, शिखा वार्ष्णेय, डॉ. गोपाल कमल सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के विकास दवे, उपन्यासकार इंदिरा दांगी, लेखक अजय के. पांडे, फोटोग्राफर-लेखिका डॉ. कायनात काज़ी और अनिल पांडेय भी शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीत के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जिसमें रामेश्वर वैष्णव, मीर अली मीर और डॉ. पी.सी. लाल यादव जैसी प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी। आयोजन स्थल पर 10,000 से अधिक साहित्य प्रेमियों ने पहले ही पंजीकरण करवा लिया है, और अब भी现场 पंजीकरण की सुविधा है।
मुख्य साहित्यिक मंडप ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है। अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर होंगे। 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन होगा।
इस उत्सव में कई विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद और आईआईएम के निदेशक भी शामिल होंगे। पत्रकारिता, सिनेमा और डिजिटल युग पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। 24 जनवरी को डिजिटल युग और एआई पर ‘डिजिटल युग के लेखक और पाठक’ और ‘उपनिषद से एआई तक: साहित्य की यात्रा’ जैसे विषयों पर गहन विमर्श होगा।










