राजिम। गरियाबंद जिले के राजिम में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प आज माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुरू हो गया है। आयोजन के पहले दिन ही त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के अनुसार इस कुंभ कल्प में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुबह करीब 4 बजे से ही त्रिवेणी संगम में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था, जो पूरे दिन चलता रहेगा।

राजिम में हर साल माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक मेला आयोजित होता है। मान्यता है कि यहां संगम में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन किए। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा।

राजिम कुंभ कल्प की अलग पहचान पैरी, सोंढूर और महानदी के त्रिवेणी संगम से जुड़ी है। संगम के एक तट पर भगवान विष्णु राजीवलोचन के रूप में विराजमान हैं, दूसरे तट पर लोमश ऋषि का आश्रम है, जबकि संगम के बीचों-बीच महादेव कुलेश्वरनाथ स्थापित हैं।

इस बार मेला स्थल को पुराने स्थान से करीब 2 किलोमीटर दूर 54 एकड़ में नए वृहद क्षेत्र में विकसित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मेला और मंदिर क्षेत्र में 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। 4 कंट्रोल रूम, प्रशिक्षित गोताखोर, फायर सेफ्टी गार्ड के साथ 1100 जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए कई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, वहीं VIP मूवमेंट के लिए अलग रास्ता भी तैयार किया गया है।

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