रायगढ़ में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 21 वाहन बरामद, 10 आरोपी गिरफ्त में…

रायगढ़ / छत्तीसगढ़

मुख्य बिंदु
  • 21 चोरी की बाइक बरामद, कीमत करीब 15 लाख रुपए
  • मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान गिरफ्तार, एक साथी फरार
  • चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 लोग भी पकड़े गए
  • छत्तीसगढ़ और ओडिशा में फैला था गिरोह का नेटवर्क

➤ कार्रवाई का विवरण: पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता

रायगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुल 21 चोरी की बाइक बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपए बताई जा रही है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका साथी शिव नागवंशी अभी फरार है। पुलिस ने केवल चोरी करने वालों पर ही नहीं, बल्कि चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया है।

➤ गिरोह का नेटवर्क: छत्तीसगढ़ से ओडिशा तक फैला जाल

जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी रायगढ़, धरमजयगढ़ और ओडिशा के भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद ये बाइक सुनसान जगहों पर छिपा दी जाती थीं और फिर कम कीमत में बेच दी जाती थीं। इसी तरीके से एक संगठित नेटवर्क खड़ा किया गया था, जिसमें चोरी करने और खरीदने वाले दोनों शामिल थे। आरोपियों के पास से 14 बाइक बरामद हुईं, जबकि 7 बाइक मुख्य आरोपी के घर से मिलीं।

➤ चोरी का तरीका और मामलों का खुलासा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पेशे से ड्राइवर हैं और वाहन मरम्मत का ज्ञान रखते हैं। इसी कौशल का इस्तेमाल कर वे पेचकस जैसे सामान्य औजारों से बाइक का लॉक तोड़कर चोरी को अंजाम देते थे। इस कार्रवाई से पूंजीपथरा थाना के 2 और धरमजयगढ़ थाना के 1 मामले का खुलासा हुआ है। इसके अलावा ओडिशा के कई क्षेत्रों से चोरी की गई बाइक भी बरामद की गई हैं, जिससे गिरोह की व्यापक सक्रियता सामने आई है।

➤ पुलिस का सख्त संदेश: कार्रवाई जारी रहेगी

रायगढ़ के SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल गिरोहों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी की संपत्ति खरीदने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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