बिलासपुर। हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल लाइन पर स्थित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में एक बड़ा तकनीकी कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा। बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन निर्माण और ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए रेलवे द्वारा प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते 11 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 के बीच कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा, जिसमें 10 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया गया है, जबकि दो ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त और प्रारंभ किया जाएगा।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बिलासपुर-रायगढ़, रायगढ़-बिलासपुर, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर, बिलासपुर-कोरबा और बिलासपुर-गेवरा रोड जैसे प्रमुख लोकल रूटों पर चलने वाली मेमू और पैसेंजर गाड़ियां अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी। खासकर 15 से 27 अप्रैल के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि ये ट्रेनें स्थानीय यात्रियों के लिए जीवन रेखा मानी जाती हैं।
इसके अलावा, गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर 16 से 27 अप्रैल तक बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी, यानी यह ट्रेन झारसुगुड़ा तक नहीं जाएगी। वहीं 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर भी झारसुगुड़ा से चलने के बजाय बिलासपुर से ही प्रारंभ होगी, जिससे इस सेक्शन में यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
हालांकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ राहत भी दी है। कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस (18250/18249 और 18252/18251) को 16 से 27 अप्रैल तक कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा, जिससे आंशिक राहत मिल सके। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ना तय है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें और वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।











