रायपुर। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में साल्हेवारा और गंडई की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भूपेश बघेल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा की रमन सरकार और कांग्रेस की भूपेश सरकार के बीच फर्क बताते हुए कहा कि भाजपा की सरकार के समय छत्तीसगढ़ का मतलब विश्वसनीय छत्तीसगढ़ होता था लेकिन भूपेश बघेल की सरकार में भ्रष्टाचार के नाम से जाना जाता है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह सरकार केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले गरीबों का 5 किलो चावल खाने वाली सरकार है। ये गरीबों का मकान खा गए। शिवराज सिंह ने भूपेश बघेल सरकार पर गरीबों के मकान न बनाने का आरोप लगाते हुए खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता को बताया कि हमने मध्यप्रदेश में 24 लाख 50 हजार मकान बनाकर गरीबों को दे दिए हैं। 06 लाख मकानों का काम चल रहा है। मध्यप्रदेश में एक भी गरीब ऐसा नहीं रहेगा जिसे मकान न मिला हो। हर बेघर को घर दिया जा रहा है जबकि छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने गरीबों के लिए बनने वाले आवास में राज्य का हिस्सा देने से हाथ खड़े कर दिए। वह गरीब विरोधी कांग्रेस गरीबों का राशन और मकान खा गई। कांग्रेस नहीं चाहती कि गरीब के सिर पर अपनी छत हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के अपने घर का संकल्प लिया और देश के सभी राज्यों में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना सलीके से चल रही है लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार चाहती है कि गरीब बेघर रहे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस और ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये छत्तीसगढ़ में वैक्सीन पर घटिया राजनीति करते रहे। मध्य प्रदेश में गरीबों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भाजपा सरकार वाहन करती है।
शिवराज सिंह ने कहा कि मोदी जी ने आयुष्मान योजना गरीबों के इलाज के लिए दी, वह इस गरीब विरोधी सरकार ने छत्तीसगढ़ में बंद कर दी। मोदी जी गरीबों को बेहतर से बेहतर इलाज दे रहे हैं और भूपेश बघेल इसे बंद करते है!
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में छत्तीसगढ़ प्रदेश का विकास पूरी तरह ठप हो गया है। भूपेश बघेल बदलापुर की राजनीति कर रहे हैं। बेरोजगारी भत्ता देने के चुनावी वादे पर अमल न होने की याद दिलाते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं को न रोजगार दे रही है और न बेरोजगारी भत्ता। यह सरकार बेरोजगारी भत्ता भी खा












