एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए राज्य के दो उप स्वास्थ्य केन्द्रों का केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मूल्यांकन

छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य जहां एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्रों का भी हुआ मूल्यांकन

प्रदेश के 55 शासकीय अस्पतालों को अब तक मिल चुका है राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र

 रायपुर. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम द्वारा  राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र (NQAS Certification) के लिए राज्य के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) उप स्वास्थ्य केन्द्रों का भी मूल्यांकन किया गया है। छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है जहां केन्द्र की टीम द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर उप स्वास्थ्य केन्द्रों का भी मूल्यांकन एनक्यूएस सर्टिफिकेशन के लिए किया गया है। दुर्ग जिले के अमलेश्वर और रायपुर के निसदा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर उप स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण इसके लिए किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अब तक प्रदेश के 55 शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा चुका है।

एचडबल्यूसी उप स्वास्थ्य केन्द्रों का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन 12 मानकों के आधार पर किया जाता है। इसके लिए संस्था द्वारा सेवा प्रदायगी, मरीज संतुष्टि, क्लिनिकल सर्विसेस, इनपुट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विसेस, गुणवत्तापूर्ण प्रबंध, आउटपुट जैसे मानकों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन में खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। प्रदेश के कुल 55 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुका है। इनमें   दस जिला अस्पताल, सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन का उद्देश्य अस्पतालों की सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। राज्य में इसका सर्टिफिकेशन अब एचडबल्यूसी उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी शुरू किया गया है। हाल ही में हुई राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र की बैठक में प्रदेश के 17 एच.डबल्यू.सी. उप स्वास्थ्य केन्द्रों का राज्य स्तरीय प्रमाणीकरण किया गया जो कि पूरे देश में सर्वाधिक है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ की सराहना भी की है।

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