आगरा : डाक्टर को यूं नहीं धरती का भगवान कहा जाता। कई बार यह बातें सिद्ध हो चुकी हैं, अब एक ऐसा ही वीडियो आईएएस सुमिता मिश्रा ने शेयर किया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो आगरा के एत्मादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां कार्यरत डॉ. सुरेखा चौधरी ने एक नवजात को मौत के मुंह से वापस लायी है।
दरअसल, एत्मादपुर में प्रसव के बाद नवजात शिशु को मुंह से सांसें देकर महज सात मिनट के भीतर ही महिला चिकित्सक डा. सुरेखा चौधरी ने मासूम को मौत के मुँह से खींच लाई। हालाकि यह वीडियो काफी पुराना है लेकिन एक बार फिर इस वीडियो को आईएएस सुमिता मिश्रा ने ट्वीटर पर शेयर किया है।
डॉक्टर ईश्वर का अवतार होते हैं। मृत नन्ही जान को मुँह से रेस्पीरेशन सपोर्ट दे देकर ज़िंदा कर दी डॉ. सुरेखा चौधरी ने। जीवन के जन्म का माध्यम बनी सुरेखा।
डॉक्टर चौधरी, पीडियाट्रीसियन, आगरा। pic.twitter.com/iYp7LOkJcS
— Dr Sumita Misra IAS (@sumitamisra) September 22, 2022
बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर पर बुर्जगंगी निवासी खुशबू को 08 मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर आशा सुशीला ने भर्ती कराया था। खुशबू ने बेटी को जन्म दिया लेकिन नवजात सांस नहीं ले पा रही थी। डा. सुरेखा चौधरी ने मशीन से ऑक्सिजन देने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। नवजात बेटी की सांसों की डोर टूटती, इससे पहले ही महिला चिकित्सक ने मुंह से सांस देना शुरू कर दिया।
स्टाफ द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो में डा. सुरेखा खून से लथपथ नवजात को मुंह से सांस देने और उसके सीने पर पंप कर दिखाई दे रही हैं। किलकारी मारते ही चिकित्सक की आंखों में जंग जीतने जैसी चमक आ गई थी, वहीं प्रसूता की आंखों में खुशी के आंसू। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो देखने के बाद लोग महिला चिकित्सक की प्रशंसा कर रहे हैं।
चिकित्सक की नेकदिली की कायल खुशबू कहती हैं, डाक्टर मेडम हमारे लिए भगवान हैं। उनकी वजह से मेरी बेटी की जान बच सकी और आज हमारे आंगन में खुशियां हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद प्रयास करतीं महिला चिकित्सक का उन्होंने तभी शुक्रिया किया था।
वहीं डा. सुरेखा का कहना है कि 22 वर्षीय खुशबू का पहला प्रसव था। जन्म के बाद बेटी की सांसें नहीं चल रही थीं। थोड़ी देर के प्रयास के बाद उसकी सांस लौट आई। बच्ची का वजन कम था लेकिन अब दोनों स्वस्थ हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों के फोन आ रहे हैं। मुझे बधाई दे रहे हैं। मैं भी एक मां हूं। महिला के जीवन में बच्चे की क्या महत्ता है, इसका भान है। पेशे से चिकित्सक होने के नाते यही मेरा कर्तव्य है।










