छत्तीसगढ़ की देशी प्रजाति की कोसली गाय का गोमूत्र दूध के दाम पर बिकेगा।
जापान की जैविक खाद व कीटनाशक कंपनी टाउ एग्रो ने बेमेतरा के नवागढ़ गांव के युवा किसान किशोर राजपूत से 50 रुपये लीटर की दर पर एक लाख लीटर गोमूत्र खरीदने का सौदा किया है।
जापानी कंपनी ने राजपूत को एक लाख रुपये अग्रिम भुगतान भी कर दिया है।
पहले चरण में कंपनी यहां से 20 हजार लीटर गोमूत्र ले जाएगी।
किशोर राजपूत को 21 अगस्त को औषधीय फसलों की जैविक विधि से व्यावसायिक खेती करने के लिए जैविक किसान अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया था। भारतीय जैविक किसान उत्पादन संघ व इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर स्किल ने संयुक्त रूप से जयपुर में यह आयोजन किया था। यहीं पर उनकी मुलाकात जापानी कंपनी टाउ एग्रो के प्रतिनिधियों से हुई थी।
कोसली नस्ल की गाय छोटे कद काठी की होती है। इस नस्ल की गायें छत्तीसगढ़ के मैदानी क्षेत्रों रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा व बिलासपुर जिलों में पाई जाती हैं। कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के मृदा रोग विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डा.पीके केसरी के अनुसार कोसली गाय के मूत्र में यूरिया, खनिज लवण, एंजाइम व फसलों के लिए उपयोगी अन्य तत्वों की अधिकता होती है। खेतों में इसका छिड़काव कर कीट नियंत्रण किया जाता है। यह मृदा स्वास्थ्य सुधारक व अनाज में पोषक तत्वों की वृद्धि में भी उपयोगी है।










