कांग्रेस जनअधिकार महारैली: भाजपा राजभवन को राजनीतिक अखाड़ा बना दी है- सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षण संशोधन विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर की मांग को लेकर आज कांग्रेस ने रायपुर के साइंस कालेज मैदान से जन अधिकार महारैली निकाली। कांग्रेस के जन अधिकार महारैली में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा पहुंची। वहीं मंच से मंत्री-विधायक समेत कर कांग्रेस नेताओं ने आरक्षण बिल पर भाजपा पर जमकर निशाना साधा और राज्यपाल पर टिप्पणी की। कांग्रेस के अनुसार इसमें शामिल होने के लिए उसे 70 समाजों का समर्थन मिला हुआ है। कांग्रेस ने इसमें एक लाख कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने का दावा किया है। वहीं प्रदेशभर के जिले से भारी संख्या में लोग इस रैली में शामिल होने पहुंचे हैं।

आरक्षण संशोधन विधेयक पर राज्यपाल हस्ताक्षर करे या विधानसभा को लौटा दे – सीएम भूपेश बघेल

सीएम भूपेश बघेल सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज अधिकार रैली है। सविधान के पालन नहीं हो रहा है इसलिए यह रैली किया जा रहा है। बीजेपी ने राजभवन को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। आज एक महीने से ज्यादा वक्त हो गया, साल और महीने सब बदल गया। दो-चार बनिहार लोगों को छोड़ दे सब लोगों ने इस आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है जो बीजेपी के द्वारा भेजे जा रहे हैं। इस स्थिति में राज्यपाल विदेयक को रोक कर रखी है। राज्यपाल हस्ताक्षर करे या विधानसभा को लौटा दे।

राजभवन अपने अधिकार से बाहर जाकर काम कर रहा है। बीजेपी आरक्षण के विरोधी है। राजभवन के द्वारा आरक्षण बिल को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसका हम विरोध कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को नौकरी देना चाहती है … हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के माध्यम से आरक्षण का मुद्दा भी लोगों के बीच जाएगी कांग्रेस। सरकार न डरेगी न झुकेगी। आरक्षण का मुद्दा भी हमारी सरकार जीतेगी।

 

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने राज्यपाल पर की टिप्पणी

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने जन अधिकार रैली के संबोधन में राज्यपाल पर टिप्पणी करते हुए कहा यदि वह आरक्षण बिल पर हां या ना नहीं कर पा रही है तो उन्हें स्वयं अपनी जिम्मेदारी से अलग कर लेना चाहिए। राज्यपाल अपने पद का निर्वहन नहीं कर पा रही है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 20 हजार भर्तियां होनी है। वहीं कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि अगर राज्यपाल संविधान की रक्षा नहीं कर सकती है तो उन्हें पद में रहने का अधिकार नहीं है। साथ ही कहा कि राजभवन एकात्म परिसर से चल रहा है।

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