नाबालिग ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मां से की थी बाइक दिलाने की जिद और फिर…

कोरबा। जिले के बालको थाना अंतर्गत ग्राम रूमगड़ा में 17 साल के एक नाबालिग छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने ये आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम रूमगड़ा के शिवनगर में सुनीता कंवर अपने बेटे सागर और बेटी के साथ रहती है। पति की मौत के बाद सुनीता बालको संयंत्र में काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रही है। बुधवार को रोजाना की तरह वो ड्यूटी के लिए बालको गई हुई थी। घर में बेटा सागर अकेला था। दोपहर 12 बजे बेटे ने मां को फोन किया और कोरबा जाने की बात बताई। जब मां शाम में ड्यूटी से वापस लौटने वाली थी, तो उसने बेटे को फोन लगाया, लेकिन सागर ने फोन नहीं उठाया।

जब छात्र ने फोन नहीं उठाया तो मां ने घर के पास रहने वाली एक रिश्तेदार से घर जाकर देखने के लिए कहा। रिश्तेदार जब उनके घर पहुंची, तो कमरा अंदर से बंद मिला। तब उसने सुनीता को ये बात बताई। मां सुनीता और बाकी परिजन जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचे। दरवाजा बंद मिलने पर उन्होंने खिड़की खोलकर कमरे के अंदर देखा, तो सागर फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर बालको पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया और लाश को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है।

पूछताछ में मां ने बताया कि सागर का मन पढ़ने-लिखने में नहीं लगता था। कई बार वो स्कूल जाने का कहकर निकलता था, लेकिन वहां पहुंचता नहीं था। वो 11वीं कक्षा का छात्र था और उसकी लगातार शिकायत स्कूल से आ रही थी। वो स्कूल जाने के बजाय इधर-उधर घूमता रहता था और किसी तरह समय काट दिया करता था। मां के समझाने पर भी वो बात नहीं सुन रहा था। उसके पास एक पुरानी बाइक थी और अब वो नई बाइक खरीदने की भी जिद कर रहा था। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई।

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