कल जेपीजी की मांग से पवार ने अपनी सहमति नहीं जताई थी। आज अपने ही सरकार के ऊपर सचिन पायलट ने इतने हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे।
जो बात नरेंद्र मोदी कहते हैं की परिवारवाद की राजनीति से भ्रष्टाचार उपजता है 2 दिन के घटनाक्रम बता रहे की विरोधी भ्रष्टाचार के आरोपों से भाजपा के द्वारा नहीं अपनों के द्वारा घिर रहे ।
जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में आपसी घमासान जारी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार 9 अप्रैल को अपने सरकारी आवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर कई सवाल खड़े किए। पायलट ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान हजारों करोड़ रुपए के घोटाले हुए थे। उस दौरान हम सब ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद हम वसुंधरा राजे सरकार में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अब हम साढ़े 4 साल से सरकार में है लेकिन हमारी सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार पर कोई एक्शन नहीं लिया है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपनी ही पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा शासन के दौरान जब हम विपक्ष में थे। तब अशोक गहलोत जी, मैं और अन्य नेता नेताओं ने जनता से वादा किया था कि वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सत्ता में आने के साढ़े 4 साल बाद भी पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पायलट ने कहा कि हमारी कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। अगर कथनी और करनी में अंतर होगा तो जनता को लगेगा कि ऊपरी लेवल पर कोई मिलीभगत हुई है।
सचिन पायलट ने कहा कि जनता से किए गए वादे के अनुसार उन्होंने करीब सवा साल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक चिट्ठी लिखी थी। उस चिट्ठी में यह आग्रह किया था कि हमें अपने वादों पर खरा उतरना चाहिए। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान हुए घोटालों पर अब कार्रवाई करनी चाहिए। पायलट ने कहा कि उस चिट्ठी का उन्हें आज तक जवाब नहीं मिला। 2 नवंबर 2022 को पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक और चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह किया गया था कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर हम सब कांग्रेस के नेताओं ने कई आरोप लगाए थे। जनता ने हमारी बातों पर विश्वास किया था। तभी हम 21 सीटों से बढ़कर 101 सीटों तक पहुंच पाए। ऐसे में अब हमें जनता से किए गए वादे के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। पायलट ने कहा कि इस चिट्ठी का भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे सचिन पायलट
पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अब अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ धरना देंगे। सचिन पायलट ने कहा कि जनता से किए गए वादों पर खरा नहीं उतरने से वे काफी आहत हैं। इसी कारण 11 अप्रैल को जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठेंगे।
मैं द्वेषतापूर्ण और प्रतिशोध की कार्रवाई के पक्ष में नहीं- पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि वे प्रतिशोध और द्वेषतापूर्वक कार्रवाई के पक्ष में नहीं है लेकिन अशोक गहलोत सहित हम सभी कांग्रेसी नेताओं ने जनता से यह वादा किया था कि जब हम सत्ता में आएंगे । तब बीजेपी राज में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराएंगे। हमें अपनी बात पर कायम रहना चाहिए और भ्रष्टाचार के प्रकरणों की जांच करानी चाहिए। पायलट ने कहा कि वसुंधरा राजे के पिछले कार्यकाल के दौरान भी हमने 22 हजार करोड रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सरकार में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने माथुर आयोग का गठन किया लेकिन आयोग के गठन में कुछ विधिक गड़बड़ी के कारण कोर्ट ने आयोग को खारिज कर दिया था।
अब विधानसभा चुनाव में सिर्फ 6-7 महीने का समय बचा है। अब भी हमें अपने वादों पर खरा उतरना चाहिए। विपक्ष में रहने के दौरान हमने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार पर 45 हजार करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए थे। साथ ही सीबीआई जांच की मांग भी की थी ।लेकिन अब हम साढ़े 4 साल से सरकार में हैं। इसके बावजूद भी ना तो किसी घोटाले की जांच सीबीआई को भेजी और ना ही यहां की सरकार ने जांच की। खान घोटाला, शराब घोटाला, ललित मोदी कांड सहित किसी भी प्रकरण की जांच नहीं हुई है। ऐसे में हम भ्रष्टाचार के खिलाफ पारदर्शी कैसे रह पाएंगे।











