छत्तीसगढ़ के शहीद पुत्र राजीव पांडेय के परिवार से मिले लैंस हवलदार, सेना के अधिकारियों का दिया संदेश

रायपुर।  दुनिया के सबसे उच्चे युद्ध स्थल सियाचिन में अपने प्राणो की आहुति देने वाले छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र शहीद सेकण्ड लेफ्ट राजीव पांडेय (विरचक्र) को सम्मान देने के लिए सियाचिन के बेस कैम्प से 4 Raj Rif का जवान आज यहाँ रायपुर पहुँचे। विश्व का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर,यहां का जर्रा-जर्रा देश के उन वीर जवानों की शहादत‌ को याद दिलाता है। जिन्होंने अपनी जान कुर्बान कर भारत भूमि का सिर ऊंचा किया है। 13 अप्रैल को सेना ऐसे ही वीर सपूतों की याद में सियाचिन दिवस मनाई। सभी शहीदों को सम्मान दिया जा रहा है जिन शहीदों ने दुनिया के सबसे उच्चे युद्ध स्थल में अपने प्रणों कि आहुति दे दिया था। इसी क्रम में सियाचिन बेस कैम्प से लैंस हवलदार प्रहलाद सिंह आज रायपुर में शहीद 2nd लेफ़्टिनेंट राजीव पांडेय (विरचक्र) के परिवार निवास स्थान पर पहुँचे।

 

बता दें कि 29 मई 1987 को शहीद 2nd लेफ़्टिनेंट राजीव पांडेय ने मात्र अपने 25 वर्ष की आयु में देश के प्रति अपने प्रणों की आहुति दे दिया। दुनिया के सबसे उच्चे युद्ध स्थल जो की 22000 ft की उचायी में जहां का तापमान -30 से -50 डिग्री सेल्सियस तक रहता है जहां जीवन असामान्य है ऐसे दुर्गम इलाक़े में उन्होंने दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। आज उनके ही सम्मान में लैंस हवलदार प्रहलाद सिंह उनके निवास स्थान में उनकी माता शकुन्तला पांडेय और पिता कर्नल(डॉ) आर पी पांडेय से मिलकर उन्हें एक सियाचिन वारियर्स का संदेश, वहाँ के वॉर मेमोरियल की एक फोटो और वहाँ की मिट्टी, जिस मिट्टी के राजीव पांडेय ने अपने प्राण दिये उस मिट्टी को भेट किया। और साथ ही सेना के सर्वोच्च अधिकारियो का संदेश दिया कि वो जानना चाहते है कि परिवार को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी हो, तो हमे बताये। परिवार के साथ उनके हर सुख-दुख और परेशानी के लिये भारतीय फ़ौज हमेशा खड़ी है।

इस गौरवपूर्ण मौक़े पर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ विधायक विकास उपाध्याय, योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा और सामाजिक संस्था सुरक्षित भव: फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. संदीप धूपड एवं अन्य कॉलोनी वासी भी मौजूद रहे।

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