छत्तीसगढ़ की इन दो पंचायतों को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की दो पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लुन्ड्रा के ग्राम पंचायत नागम तथा धमतरी जिले के नगरी पंचायत के ग्राम सांकरा को पुरस्कृत किया गया। ग्राम पंचायत नागम को गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका संवर्धन श्रेणी में तथा सांकरा को स्वस्थ पंचायत थीम में पुरस्कृत किया गया। इन ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के साथ ही 50-50 लाख रूपए की राशि भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने इस उपलब्धि के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए 43 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिये गये। छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिन्हें एक से अधिक पुरस्कार आज प्राप्त हुए। ग्राम पंचायत नागम के सरपंच भंडारी राम पैकरा तथा ग्राम पंचायत सांकरा की सरपंच शशि ध्रुव ने केंद्रीय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास गिरिराज सिंह के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ग्रामीण विकास फग्गन सिंह कुलस्ते और केन्द्रीय राज्य मंत्री पंचायत राज कपिल मोरेश्वर पाटिल भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत नागम में गरीबी उन्मूलन के लिए ग्रामवासियों को मनरेगा के अंतर्गत अधिकाधिक जाब कार्ड प्रदान करने, शतप्रतिशत पारिश्रमिक प्रदाय करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने, स्वसहायता समूहों की महिलाओं के आय में वृद्धि के लिए तथा ग्रामवासियों को आईटीआई जैसी संस्था के माध्यम से कौशल विकास कराने उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत सांकरा में गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव, बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करने, ग्राम सभा, महिला सभा एवं बालसभा में बच्चों के टीकाकरण पर चर्चा करने के लिए , बीमारी जैसे टायफाइड, मलेरिया, टीबी आदि बीमारियों से बचाव हेतु प्रचार, प्रसार करने एवं टेलीमेडिसीन के माध्यम से अच्छा कार्य करने पुरस्कृत किया गया।

यह पुरस्कार इसलिए भी काफी मायने रखता है क्योंकि देश भर की ढाई लाख से अधिक ग्राम पंचायतों ने इस पुरस्कार के लिए नामांकन भरा था। इसमें छत्तीसगढ़ की 11658 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। इनमें से 43 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के लिए देश भर से चुना गया। इस पुरस्कार के लिए 9 श्रेणियों में थीम रखी गई थी।

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