सरकारी अस्पताल में नवजात और मां की मौत, प्रसव पीड़ा होने पर भी प्रसूता का नहीं किया सोनोग्राफी और आपरेशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां डाॅक्टरों की लापरवाही के चलते डिलीवरी के लिए आई एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया और डाॅक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत करने की कोशिश की। मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में स्थित सरकारी हमर अस्पताल का है।

बताया जा रहा है कि, 9 जून को गुढ़ियारी निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सुबह 11 बजे सरकारी ‘हमर अस्पताल’ लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि गर्भवती महिला की डिलीवरी होनी थी। डाॅक्टर बार-बार कहते रहे कि डिलेवरी हो जाएगी। दोपहर दो बजे अस्पताल की डॉक्टर चली गई। दिन भर रखने के बाद भी महिला की न तो सोनोग्राफी हुई और न ही डिलीवरी। इलाज में देरी के चलते गर्भवती महिला बेहोश हो गई। तबीयत ज्यादा बिगड़ते देख हमर अस्पताल के डाॅक्टरों ने महिला को निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। अस्पताल ले जाने पर महिला और बच्चे की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि, बच्चे के गले में नाल फंसी थी। हमर अस्पताल में लगातार लापरवाही की गई, यहां तक प्रसूता को दूसरे अस्पताल ई रिक्शा में भेजा गया। वहीं इस घटना के बाद आक्रोशित परिजन और मितानिनों ने अस्पताल का घेराव कर दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।

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