रायपुर -ड्रग्स के दुरुपयोग और अवैध तस्करी नशा करने वाले के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर जो ड्रग्स के दुरुपयोग के साथ- साथ उनके गैरकानूनी व्यापार के खिलाफ लड़ने के लिए है,सालाना 26 जून को दुनियाभर में लाखों लोगों द्वारा मनाया जाता है। यह दिवस नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ है जिसे लेकर देश भर से इस मुहिम में शामिल लोगों की वर्चुअल मीटिंग हुई जिसमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डा.विरेन्द्र मिश्रा और परी (पीपुल्स अगेंस रेप इन इंडिया) संस्था के प्रमुख योगिता भ्याना जी के द्वारा किया गया जिसमें देश भर में हो रहे नशीली पदार्थ से छुटकारा दिलाने के लिए उपाय बताए गए वहीं इस मुहिम में शामिल लोगों को अपने आस-पास नशीली पदार्थ बच्चों तक पहुंचाने वालो को रोकने के लिए अपील किया एवं अंतरराष्ट्रीय समाज में लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्रवाई को मजबूत करने और सहयोग को बढ़ाने और उसको बढ़ावा देने की अभिव्यक्ति है जो ड्रग्स के दुरुपयोग से मुक्त करना है। वहीं इस संगठन ने इस खतरे को खत्म करने के लिए शपथ लिया और अवैध ड्रग्स की चुनौतियों को शांतिपूर्वक संबोधित करने पर जोर देते हुए कहा कि उनका मूल सिद्धांत युवाओं की रक्षा करना और मानव जाति के कल्याण को बढ़ावा देना है।
*अंतरराष्ट्रीय नशा रोकने सभी लोग ले संकल्प*
छत्तीसगढ़ के परी फाउंडेशन के के सदस्य परमानंद वर्मा ने कहा कि देश में बढ़ते अपराध एक चिंता का विषय है जिसमें ज्यादातर नाबालिग बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं, और इसका मुख्य कारण है नशा जिसके वजह से पढ़ाई लिखाई छोड़ अपराध की दुनिया में एक के बाद एक और इजाफा होता जा रहा है नशा के लिए लोगों को मारना पीटना, चोरी चाकूबाजी, लुटपाट जैसे अन्य घटनाओ को अंजाम दे रहे है इसमें ज्यादातर नाबालिग 10 से 18 वर्ष के बच्चे गिरफ्त में हैं,इसे रोकने स्वयं माता पिता को भी ध्यान रखना चाहिए कहीं आपका बच्चे नशा करने वाले के साथ तो नहीं इस पर माता पिता को विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और शासन प्रशासन को इन नशीले पदार्थो को बेचने वाले को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए साथ ही साथ मानव समाज को जिम्मेदारी निभाते हुए आज के दिन संकल्प लें समाज में नशा मुक्त करने नशा निषेध दिवस पर। और इसे रोकना होगा नहीं तो आने वाले समय में अपराध बढ़ते हुए जा रहे हैं जो कि पुरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाज और देश के लिए बहुत ही घातक है।











