संभागायुक्त डॉ संजय अलंग ने बलौदाबाजार जिले के तहसील,एसडीएम एवं जिला कार्यालय का किया निरीक्षण

तहसीलदार एवं नायब नाजिर को नोटिस
   

रायपुर /  सम्भागायुक्त डॉ. संजय अलंग ने आज बलौदाबाजार जिले के प्रवास के दौरान तहसील,अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सहित संयुक्त जिला कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और कामकाज का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की विभिन्न शाखाओं जैसे- कानूनगो, वित्त, डब्ल्यूबीएम, रिकार्ड रूम सहित विभिन्न संधारित पंजियों व दस्तावेजों का गहन निरीक्षण किया और राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टर चंदन कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिए।

तहसील न्यायालय में निरीक्षण के दौरान पंजीयों के संधारण में गंभीर खामियां कमिश्नर को मिली। जिस पर बलौदाबाजार तहसीलदार बलराम तम्बोली एवं नायब नाजिर शाखा के प्रभारी मालिकराम यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिवस के भीतर रिकार्ड को दुरूस्त करने निर्देश दिए। कमिश्नर ने सभी न्यायालयों के प्रकरणों को बारी-बारी से अध्ययन कर प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए है। उन्होनें निरीक्षण के दौरान कहा कि बार-बार पेशी बुलाने से हितग्राहियों काफी तकलीफ होती है। इससे न केवल उनका पैसा बर्बाद होता है, बल्कि समय की भी बर्बादी होती है। अतः सभी पेशियों कमी लाते हुए शीघ्र ही प्रकरणों का निराकरण करें।

उन्होनें कहा कि रिकार्ड का दुरूस्तीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके लिए प्रकरणों का अधूरा नस्तीबध्द करना भी एक महत्वपूर्ण कारण है अतः इसके लिए सभी न्यायालयीन मजिस्ट्रेट अपने प्रकरणों को तभी नस्तीबध्द कर पायेगा जब उसमें बी-वन, पी-टू एवं खसरा का उल्लेख कर उक्त कापी को जोड़ा जायेगा। इस दौरान उन्होनें तहसील में आये आवेदक किसान ग्राम कंजी निवासी बाबूराव एवं वकीलों के प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात कर जानकारी ली। इस दौरान वकीलों ने राजस्व न्यायालयों में हो रही समस्याओं के बारे में कमिश्नर को अवगत कराया। कमिश्नर श्री अलंग ने शीघ्र ही निराकरण के आश्वासन देते हुए कलेक्टर को उचित समाधान करने के निर्देश दिए।

राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा

सँयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में कमिश्नर डॉ संजय अलंग ने सभी राजस्व अधिकारियों की बैठकर कर कामकाज की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होेेंने इस दौरान नामांतरण, अविवादित बंटवारा,अभिलेख दुरुस्ती, भू-अर्जन, भू-भाटक, सीमांकन जैसे प्रकरणों का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने कहा की सभी रिकार्ड को अनिवार्य रूप से दुरस्त एवं सभी प्रकरणों को शत प्रतिशत ई कोर्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए है। साथ ही सप्ताह में एक दिन पटवारियों का नियमित बैठक कर कार्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि जिले में अभिलेख शुध्दता एवं डिजिटल हस्ताक्षर के प्रकरण बड़े पैमाने में लम्बित है। सभी तहसीलदार,पटवारियों के माध्यम से इस कार्य को एक अभियान चलाकर पूर्ण कर लेवें। इसके लिए एक माह की समय सीमा निर्धारित की गई है। इस दौरान कलेक्टर चंदन कुमार ने कमिश्नर को आश्वस्त किया कि हम एक माह के भीतर ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण में कमी लाने का प्रयास करेंगें।

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