मुंगेली से कांग्रेस के लिए अभेद्य किला बने हुए है मोहले

मुंगेली। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 85 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। जिसमें मुंगेली से 6 बार विधायक, 4 बार सांसद और 2 बार के मंत्री रह चुके पुन्नूलाल मोहले पर एक बार फिर दांव लगाया है। पुन्नूलाल मोहले कद्दावर नेता के साथ साथ लंबे समय से मुंगेली से कांग्रेस के लिए अभेद्य किला बने हुए है।

भाजपा ने जैसे ही दूसरी List जारी किया उसमें मुंगेली से पुन्नूलाल मोहले के नाम पर मुहर लगी. मोहले 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर के बावजूद अपनी सीट बचाते हुए विधायक बनने में कामयाब हुए थे।

प्रदेश में भाजपा की वापसी और खुद के जीत के लिए पुन्नूलाल मोहले 2023 के रण में दावा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि इन दावों की हकीकत बहुत जल्द ही सबके सामने आने वाली है, जिसमें क्लियर होगा कि इस बार भी पुन्नूलाल मोहले मुंगेली की जनता का मत मोह पाएंगे या जनता मोहले का मोह त्याग करेगी।

यहां सबसे पहले यह बताना लाजमी है कि, पुन्नूलाल मोहले वर्तमान में बीजेपी के कद्दावर नेता होने के साथ ही मुंगेली के विधायक हैं। 1977-78 से मुंगेली के छोटे से ग्राम पंचायत सोढ़ार से सरपंच चुनाव जीतकर राजनीति में प्रमुख रूप से कदम रखने वाले पुन्नूलाल मोहले 1983-84 में गृह ग्राम दशरंगपुर से भी सरपंच बने उसके बाद जनपद सदस्य और फिर मुंगेली जनपद में अध्यक्ष बन गए।

 यही वो टर्निंग पॉइंट है, जहां पुन्नूलाल मोहले एक नेता के रूप में उभरने लगे और फिर 1985 में पहली बार विधायक बनकर निर्वाचित हुए. उसके बाद 1990,1994, 2008 और फिर 2013 में विधायक बने. इसके अलावा 2018 में भी कांग्रेस की लहर को मात देते हुए पुन्नूलाल मोहले ने मुंगेली में बीजेपी का परचम लहराया और वतर्मान में विधायक है।

पुन्नूलाल मोहले पहली बार 1996 में सांसद के लिए निर्वाचित हुए उसके बाद 1998,1999 और फिर 2004 में सांसद के लिए निर्वाचित हुए। इसके साथ ही 2008 में पुन्नूलाल मोहले बीजेपी शासन काल में पहली बार खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बनाए गए, उसके बाद 2013 विधानसभा चुनाव जीत के बाद पुन: मंत्री बनाए गए.

 मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति में जिसे याद किया जा सके वैसा दृष्टांत पुन्नूलाल मोहले के नाम पर दर्ज है. जो कि, 6 बार विधायक, 4 बार सांसद चुनाव जीते और 2 बार मंत्री बनने का इतिहास उनके नाम दर्ज है।

इसके अलावा पुन्नूलाल मोहले मध्यप्रदेश के समय से लेकर पृथक छत्तीसगढ़ भाजपा में भी अनुसूचित जाति, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के अलावा भाजपा संगठन के कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

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