Winter Weather: चक्रवाती तूफान की दस्तक, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का अलर्ट, तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना

दिल्ली। देशभर में मौसमी परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर देश के कई हिस्सों में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से अगले दो दिनों में तेज हवाओं और भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, उत्तर और मध्य भारत में शीतलहर और घने कोहरे ने ठंड के प्रकोप को और बढ़ा दिया है।

IMD ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक समुद्र तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का खतरा है। साथ ही, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानों में घने कोहरे की संभावना भी जताई गई है। यह स्थिति साइक्लोनिक सर्कुलेशन, पश्चिमी विक्षोभ और बर्फीली हवाओं के सक्रिय होने के कारण बनी हुई है।

अगले तीन दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
शीतलहर और कोहरा:
मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में भीषण शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत के राज्यों में ठंडी हवाएं और घना कोहरा यातायात और जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।

बारिश का अनुमान:
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश के आसार हैं। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने और चक्रवातीय प्रभाव के कारण ये स्थिति बनी हुई है। तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में 12 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है।

बर्फबारी के आसार:
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में बर्फबारी की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

दक्षिण भारत में चक्रवात का असर
दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवातीय प्रभाव के चलते बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह सिस्टम अगले दो दिनों में तमिलनाडु तट की ओर बढ़ सकता है, जिससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल में भारी बारिश होगी।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ के चलते पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसका असर हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों पर देखने को मिलेगा।

IMD की सलाह
IMD ने समुद्र तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। घने कोहरे और शीतलहर के चलते सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने विकट रूप ले लिया है। दक्षिण में चक्रवात और भारी बारिश, तो उत्तर में शीतलहर और बर्फबारी जनजीवन पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

 

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