इंदौर पुलिस का एक्शन! साइबर ठगी करके लूटते थे रकम, फिर ‘क्रिप्टो ट्रांसफर’ कर भेजते थे चीन

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां बुधवार (25 दिसंबर) को एक 23 साल के एमबीबीएस छात्र को साइबर धोखाधड़ी के 8 लाख रुपये कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीनी युवकों के एक गिरोह को हस्तांतरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की जांच-पड़ताल कर रही है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में इंदौर डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी की पहचान विक्रम विश्नोई के रूप में हुई है. जहां पुलिस ने उसे शहर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 1.35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले से जुड़े सबूत मिलने के बाद उसे “ डिजिटल गिरफ्तारी ” के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.पुलिस के अनुसार, राजस्थान के जोधपुर का मूल निवासी विश्नोई महाराष्ट्र के अलीबाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है.

जानिए क्या है पूरा मामला?

इस दौरान डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने पूछताछ में बताया कि विश्नोई साइबर ठगी के लिए कमीशन के आधार पर गिरोह को बैंक खाते मुहैया कराता था. वह टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर एक ग्रुप के जरिए पांच चीनी युवकों से भी जुड़ा हुआ था. डीसीपी ने कहा कि,”हमें पता चला कि विश्नोई ने भारतीय बैंक खातों में जमा साइबर धोखाधड़ी के पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया और इसे चीनी गिरोह में स्थानांतरित कर दिया. हम भारत में साइबर अपराधों में गिरोह की भूमिका की गहन जांच कर रहे हैं.

अब तक आरोपी ने करीब 8 लाख रुपए को क्रिप्टोकरेंसी में बदला

इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा कि विश्नोई ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के पैसे को बदलने के लिए क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिनेंस का इस्तेमाल किया और इसे एक क्यूआर कोड के जरिए “टीएलएक्स” नामक एक चीनी युवक के क्रिप्टो वॉलेट में भेज दिया.दंडोतिया ने आगे बताया, “विश्नोई ने अब तक लगभग 8 लाख रुपए क्रिप्टोकरेंसी में बदल लिए हैं और इसे चीनी क्रिप्टो वॉलेट ‘टीएलएक्स’ में ट्रांसफर कर दिया है.

कथित तौर पर आरोपी ने चीनी युवक से चैटबॉट का उपयोग करके संवाद किया, जिससे अंग्रेजी और चीनी के बीच पारस्परिक अनुवाद संभव हो सका. चीनी गिरोह को धोखाधड़ी के पैसे ट्रांसफर करने की जांच के लिए इंदौर पुलिस ने ईमेल के जरिए टेलीग्राम और बिनेंस से संपर्क कर आगे की जानकारी मांगी है.

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