चमोली में बारिश का कहर : ज्योतिर्मठ–मलारी हाईवे पर पुल बहा, सीमांत गांवों का संपर्क टूटा

गोपेश्वर : उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। ज्योतिर्मठ–मलारी राजमार्ग पर तमक बरसाती नाले में आई भीषण बाढ़ से सीमेंट और कंक्रीट का पुल बह गया। इसके चलते नीति घाटी के सीमांत क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांवों का मोटर मार्ग से संपर्क कट गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, सुराहीथोटा और जुम्मा के बीच स्थित तमक नाले के ऊपरी हिस्से में रात करीब दो बजे अचानक पानी बढ़ गया, जिससे पुल बहकर ध्वस्त हो गया। अलकनंदा नदी की सहायक धौलीगंगा के किनारे बसे इस क्षेत्र में हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

पुल टूटने से न केवल जनजातीय गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं, बल्कि सीमा पर तैनात सैनिक और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही भी बाधित हो गई है। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले जुम्मा मोटर पुल भी बाढ़ में बह गया था।

इधर, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। चमोली और ज्योतिर्मठ के बीच भनीरपानी और पागलनाला में मलबा आने से यातायात बंद हो गया है। जिला प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग खोलने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

इसी तरह, कुंड–चमोली राष्ट्रीय राजमार्ग भी बैरागना के पास भूस्खलन से अवरुद्ध है। लगातार बारिश से ज्योतिर्मठ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय लोग दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

 

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