प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, जांच में खुलासा

राजनांदगांव। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि छुरिया ब्लॉक के आमगांव में केले की फसल को चना बताकर लाखों रुपये का मुआवजा हड़प लिया गया। इसकी शिकायत खुज्जी की पूर्व कांग्रेस विधायक छन्नी साहू ने प्रशासन से की थी। अब जिला प्रशासन की टीम मामले की जांच कर रही है।

फर्जी तरीके से लिया 25 लाख का मुआवजा

जांच में सामने आया कि रैलिस बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की करीब 40 हेक्टेयर जमीन पर पिछले एक साल से केवल केले की खेती हो रही है। बावजूद इसके, रबी सीजन 2024-25 में चना फसल बीमा कराया गया और कृषि विभाग, पटवारी व बीमा एजेंट की मिलीभगत से फर्जी पंचनामा बनाकर 25 लाख से अधिक का मुआवजा उठा लिया गया।

जांच टीम सक्रिय

तहसीलदार विजय कोठारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम किसानों व संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। कृषि अधिकारी टीकम ठाकुर ने भी घोटाले की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट कलेक्टर राजनांदगांव को सौंप दी जाएगी।

पहले भी हुआ था बीमा घोटाला

यह पहला मामला नहीं है। 2022-23 में भी एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने 33 खसरों की 16.389 हेक्टेयर भूमि पर फर्जी बीमा करवाया था। हालांकि, उस समय रिपोर्ट दबा दी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

पक्षकारों की सफाई और आरोप

कंपनी के पूर्व पार्टनर जय बग्गा ने आरोपों से इंकार किया और कहा कि जमीन के नाम पर किसी अन्य ने बीमा करवाया। उन्होंने मानहानि का केस करने की चेतावनी दी। वहीं, पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा कि किसानों के नाम पर ऐसा फर्जीवाड़ा ठीक नहीं और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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