रायपुर -बागबाहरा के महासमुंद जिला में चूहे, दीमक और चिड़िया संग्रहण केंद्रों का धान चट कर रहे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे, यह दावा जिले के बागबहरा संग्रहण केंद्र के संचालकों का है। यहां करीब 18433 क्विंटल धान गायब मिला, तो उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर दीपक, चूहों और चिड़ियों को जिम्मेदार ठहरा दिया। मतलब ये जीव 10 महीने तक बिना रुके लगातार हर घंटे करीब 256 किलो धान खा रहे थे। इसी वजह से सरकार को 5.71 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि, संचालकों के दावों से परे हकीकत कुछ और ही नजर आती है। कीट, जानवरों, सीमेज और शर्टिज से इतर यह भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा लग रहा है। मनरेगा प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग प्रभारी मनीष दुबे द्वारां किया गया निरीक्षण उन्होंने बताया विभाग के नियम के अनुसार कार्य नहीं हो रहा है
कार्रवाई के लिए ये है विभागीय नियम
स्टॉक में 1 फीसदी की
कमी आने पर कारण
बताओ नोटिस
1% से 2% की कमी
आने पर विभागीय जांच
2% से ज्यादा कमी
आने पर निलंबन,विभागीय जांच और
एफआईआर
बागबाहरा केंद्र में
3.65% की कमी,
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं
प्रशासन की ओर से
गंभीरता नहीं दिखाई गई
इन बिदुआ पर जांच की दरकार
प्रभारियों को नोटिसः डीएमओ
बागबाहरा संग्रहण केंद्र में 3.65 प्रतिशत शंटिंज आया है। प्रभारी को विभाग की तरफ से नोटिस गया है। खाद्य संचालनालय के सचिव की ओर से इस संबंध में जो पत्र जारी किया गया था, उसी के तहत नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जानकारी नहींः कलेक्टर ,महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि फिलहाल मुझे इस मामले की जानकारी नहीं
है। मार्कफेड के डीएमओ से जानकारी लेता हूं।
अगर गड़बड़ी मिलती हैतो नियमों के अनुसार
निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।











