ईरान में जारी हिंसा के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षित लौटे, सरकार ने की मदद

दिल्ली। ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के विरोध में 28 दिसंबर 2025 से जारी हिंसक प्रदर्शन के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात सुरक्षित भारत लौट आए। दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे ज्यादातर लोग मेडिकल स्टूडेंट्स थे। इस दौरान भारतीय नागरिकों ने सरकार और विदेश मंत्रालय के प्रयासों के लिए धन्यवाद किया।

ईरान में वर्तमान में लगभग 10,000 भारतीय मौजूद हैं, जिनमें छात्र, व्यापारी और पेशेवर शामिल हैं। इनमें से करीब 2,500–3,000 छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। लौटे नागरिकों ने बताया कि हालात बेहद कठिन थे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर और बाजारों में लोगों को परेशान किया, इंटरनेट बंद होने के कारण वे अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पाए।

भारतीय दूतावास ने लगातार संपर्क बनाए रखा और नागरिकों को सुरक्षित निकलने की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट हमेशा अपने पास रखें और किसी भी मदद के लिए दूतावास से संपर्क करें। हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किए गए हैं।

ईरान में महंगाई दर 50–70% तक बढ़ गई है, रियाल का मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर गिरा है और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें आसमान छू रही हैं। प्रदर्शन पूरे देश के 31 प्रांतों में फैल गए और सुरक्षा बलों की फायरिंग में हजारों लोग मारे गए हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच भी स्थिति पर बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय ने ईरान यात्रा से बचने की सलाह दी और नागरिकों को पंजीकरण करने के लिए लिंक प्रदान किया।

भारतीय नागरिकों ने सरकार की तत्परता और सुरक्षा प्रयासों की सराहना की। देश लौटकर छात्र और अन्य नागरिक अपने परिवारों से मिलकर राहत की सांस ले रहे हैं। भारत सरकार की सतत निगरानी और एयरलिफ्ट प्रयासों से बड़ी संख्या में नागरिक सुरक्षित घर लौट पाए हैं, जिससे विदेश में फंसे लोगों की सुरक्षा और भरोसे का संदेश गया है।

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