Wildfire in Chile: दक्षिण अमेरिकी देश चिली इस वक्त कुदरत के भीषण कहर का सामना कर रहा है। चिली के मध्य और दक्षिणी जंगलों में लगी आग ने तांडव मचा रखा है जिसमें अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बेकाबू हैं कि राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल (Emergency) की घोषणा कर दी है।
38 डिग्री तापमान और नारंगी आसमान
आग का सबसे ज्यादा असर बायोबियो (Biobio) और नुबले (Nuble) प्रांतों में देखा जा रहा है जो राजधानी सैंटियागो से करीब 500 किलोमीटर दूर हैं। इलाके में तापमान 38°C के पार पहुँच गया है। तेज हवाओं और भीषण गर्मी ने आग को और ज्यादा विकराल बना दिया है। अब तक लगभग 8,500 हेक्टेयर (हजारों एकड़) वन संपदा जलकर खाक हो चुकी है। धुएं की वजह से आसमान का रंग नारंगी हो गया है और सांस लेना दूभर है।
गैस प्लांट बना टाइम बम
चिली सरकार की सबसे बड़ी चिंता पेन्को शहर के पास स्थित इंदुरा (Indura) गैस प्लांट को लेकर है। आग की लपटें गैस संयंत्र के बेहद करीब पहुंच गई हैं। अगर आग प्लांट तक पहुंचती है तो भीषण विस्फोट या जहरीली गैस के रिसाव का खतरा पैदा हो सकता है जो आसपास के रिहाइशी इलाकों के लिए जानलेवा साबित होगा। दमकल कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी पूरी ताकत गैस प्लांट की सुरक्षा में लगा दें।











