छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी समेत अन्य आरोपियों को रेगुलर जमानत दे दी

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी समेत अन्य आरोपियों को रेगुलर जमानत दे दी है। इससे पहले ये सभी आरोपी अंतरिम जमानत पर बाहर थे।

यह जमानत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बगाची की पीठ से मिली है। कोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपियों को राज्य से बाहर रहने जैसी शर्तें भी बरकरार रखी हैं।

अंतरिम जमानत के बाद मिली नियमित राहत

सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी लंबे समय से अंतरिम जमानत पर बाहर थे। वहीं ईडी ने शराब घोटाले मामले में सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। अब सुप्रीम कोर्ट से रेगुलर जमानत मिलने के बाद इन आरोपियों को बड़ी राहत मिली है।

आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, हर्षवर्धन परघनीया, शशांक मिश्रा, तुषार गिरी और मुक्त गुप्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा। वहीं राज्य शासन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने पैरवी की।

अब तक 273 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां अटैच

कोल लेवी मामले की जांच के दौरान अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस मामले में कुल 35 आरोपियों के खिलाफ 5 अभियोजन शिकायतें (चालान) स्पेशल कोर्ट में पेश की गई हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार कोल लेवी घोटाले में अब तक 273 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं।

जानिए क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल स्कैम ?

ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई है।

ED के अनुसार कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

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