यूएस टैरिफ की चिंता नहीं, मेक इन इंडिया’ पर फोकसॆ-निर्मला सीतारमन

नई दिल्ली।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि बजट में घोषित सीमा शुल्क संशोधन दो साल से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है और इस पर अमेरिकी टैरिफ का कोई प्रभाव नहीं है, जिसका मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का सीमा शुल्क संशोधन पर कोई प्रभाव नहीं है। सीतारमण ने राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से केंद्रीय बजट 2026-27 में कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती के प्रस्तावों के संदर्भ में कहा कि पिछले दो वर्षों से सीमा शुल्क संशोधन का काम चल रहा है। अमेरिकी मुद्दे का बजट पर ‘कोई प्रभाव नहीं’ पड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का कोई आकलन नहीं किया।

सीतारमण ने कल अपने बजट भाषण में कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती का प्रस्ताव रखा था, जिसका उद्देश्य टैरिफ संरचना को और सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना और शुल्क में होने वाले असंतुलन को दूर करना है। जिन उत्पादों/क्षेत्रों पर शुल्क में संशोधन किया गया है, उनमें समुद्री, चमड़ा और वस्त्र उत्पाद; ऊर्जा क्षेत्र; और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुएं शामिल हैं। नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक घटक और पुर्जे भी इसमें शामिल हैं। इनमें 17 दवाएं भी शामिल हैं।

विनिवेश पर, सीतारमण ने कहा कि सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं है और आईडीबीआई बैंक का विनिवेश जल्द ही आगे बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि विनिवेश की गति और दिशा राजस्व सृजन का आधार तय करेगी, और हम निश्चित रूप से विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर और अधिक विचार करेंगे।” निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव, अरुणिश चावला ने बजट के बाद एएनआई से बातचीत में कहा था कि आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक विनिवेश “तीसरे चरण में पहुंच गया है और अब तकनीकी और वित्तीय बोलियां आमंत्रित की जाएंगी।

मई 2021 में, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ-साथ आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। बैंकिंग क्षेत्र के लिए रोडमैप पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक आज मजबूत स्थिति में हैं और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता उच्च है। लेकिन हम यहीं नहीं रुकना चाहते, भविष्योन्मुखी बैंकों की आवश्यकता है। सीतारामन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में घोषित उच्च स्तरीय समिति बैंक समेकन पर विचार करेगी और उच्च स्तरीय समिति के लिए कार्यक्षेत्र का मसौदा शीघ्र ही तैयार किया जाएगा।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *