05 फरवरी 2026 दिन- गुरुवार का पंचाग
सूर्योदयः – प्रातः 06:47:00
सूर्यास्तः – सायं 05:45:00
विशेषः – गुरूवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से दीर्घ आयु की प्राप्ति होती है।
विक्रम संवतः – 2082
शक संवतः – 1947
आयनः – दक्षिणायन
ऋतुः – शरद ऋतु
मासः – फाल्गुन मास
पक्षः – कृष्ण पक्ष
तिथिः – चतुर्थी तिथि रात्रि 12:22:00 बजे तक तदोपरान्त पंचमी तिथि।
तिथि स्वामीः – चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं और पंचमी तिथि के स्वामी सर्पदेव (नागराज) जी हैं।
नक्षत्रः – उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र 22:57:00 बजे तदोपरान्त हस्त नक्षत्र।
नक्षत्र स्वामीः – उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव है। हस्त नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव है।
योगः – सुकर्म योग रात्रि 12:03:00 बजे तक तदोपरान्त धृति योग।
गुलिक कालः – आज का शुभ गुलिक काल 09:32:00 से 10:54:00 बजे तक
दिशाशूलः – गुरूवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि ज्यादा आवश्यक हो तो घर से सरसों के दाने या जीरा खाकर निकलें।
राहुकालः – आज का राहुकाल 13:38:00 से 15:00:00 बजे तक
तिथि का महत्वः – आज के दिन मूली नही खाना चाहिए और कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।
“हे तिथि स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, आप पंचांग का पाठन करने वालों का कल्याण करें एवं उन पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”











