जगदलपुर। थाना गीदम क्षेत्रांतर्गत ग्राम गुमलनार, गिरसापारा एवं नेलगोड़ा के मध्य जंगल-पहाड़ क्षेत्र में नक्सली सामग्री एवं हथियार डम्प होने की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) राहुल कुमार उयके के नेतृत्व में डीआरजी एवं बस्तर फाइटर्स के जवानों का बल योजनाबद्ध तरीके से रवाना किया गया।
आधी रात को हुई मुठभेड़
लगभग 12:30 बजे पुलिस बल संभावित डंप स्थल की ओर रवाना होकर जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन सर्चिंग एवं घेराबंदी कर आगे बढ़ रहे थे। रात्रि लगभग 8:30-09:00 बजे पूर्व से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 08-10 सशस्त्र माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी की हत्या कर हथियार लूटने की नीयत से अवैध स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध जानलेवा फायरिंग की गई।
इस दौरान पुलिस पार्टी द्वारा तत्काल उचित आड़ लेकर माओवादियों को आत्मसमर्पण हेतु चेतावनी दी गई, किंतु उनके द्वारा फायरिंग लगातार जारी रखी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निर्देशानुसार जवानों द्वारा आत्म सुरक्षार्थ संयमित एवं सटीक जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस के प्रभावी कार्यवाही से माओवादी कमजोर पड़कर पीछे हटने लगे तथा घने जंगल, पहाड़ी भू-भाग एवं अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
सर्चिंग के दौरान मिला नक्सली का शव
मुठभेड़ उपरांत सर्चिंग के दौरान सघन तलाशी करने पर 01 पुरुष सशस्त्र माओवादी का शव सहित निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:
01 नग एसएलआर(SLR) रायफल
01 नग इंसास(INSAS) रायफल
01 नग पिस्टल(PISTOL)मय मैगजीन
01 नग वॉकी-टॉकी सेट
01 नग एसएलआर मैगजीन
06 नग एसएलआर जिंदा राउंड
01 नग एसएलआर का खाली खोखा
03 नग इंसास मैगजीन
05 नग इंसास जिंदा राउंड
18 नग इंसास मिसफायर राउंड
03 नग इंसास के खाली खोखे
05 नग पिस्टल का जिंदा राउंड
01 नग पिस्टल का खाली खोखा
01 नग पोच
आत्मसमर्पित माओवादी ने की शव की पहचान
मुठभेड़ स्थल से बरामद माओवादी पुरूष शव की पहचान आत्मसमर्पित कैडर के माध्यम कराने पर राजेश पुनेम एसीएम(ACM), भैरमगढ़ एरिया कमेटी ईनामी 5 लाख रु. ईनामी, निवासी ग्राम बुरजी, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर, के रूप में की गई।घटना स्थल से बरामद शव, हथियार एवं नक्सली सामग्री को अभिरक्षा में लेकर, आईईडी एवं एंबुश के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए टैक्टिकल मूवमेंट किया गया। आरओपी एवं एरिया डोमिनेशन करते हुए समस्त बल सुरक्षित रूप से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा पहुंचा।











