छत्तीसगढ़ प्लांट हादसे में मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा: जिंदल बोले- FIR से पहले जांच जरूरी, NGSL की भूमिका जांच के घेरे में

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। रविवार सुबह रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक और घायल मजदूर ने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 12 का इलाज अभी भी जारी है।

यह हादसा 14 अप्रैल को सिंघीतराई स्थित प्लांट में हुआ था, जब अचानक बॉयलर में दबाव बढ़ने से विस्फोट हो गया। शुरुआती जांच में मेंटेनेंस और संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसी आधार पर पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

इस कार्रवाई पर उद्योगपति नवीन जिंदल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के किसी बड़े उद्योगपति का नाम FIR में शामिल करना चिंता का विषय है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और ठोस सबूतों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

वहीं, प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही NGSL कंपनी जांच के केंद्र में आ गई है। यह कंपनी एनटीपीसी और जीई पावर इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। अधिकारियों के मुताबिक, बॉयलर यूनिट-1 के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी इसी कंपनी के पास थी।

जांच में सामने आया है कि बॉयलर में अनबर्न फ्यूल जमा होने और दबाव तेजी से बढ़ने के कारण यह हादसा हुआ। साथ ही, उत्पादन बढ़ाने के लिए कम समय में लोड बढ़ाया गया, जिससे सिस्टम फेल हो गया। तकनीकी खामियों के अलावा मानवीय लापरवाही की भी आशंका जताई जा रही है।

राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट 30 दिनों में मांगी गई है। वहीं मृतकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा भी की गई है।

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