महिला अधिकारों पर विपक्ष की राजनीति उजागर, देश की आधी आबादी का हुआ अपमान – बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस बिल के गिरने से विपक्ष का असली चेहरा देश की महिलाओं के सामने बेनकाब हो गया है।

अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का रुकना नहीं है, बल्कि यह पूरे विपक्ष की सोच और प्रतिबद्धता का पर्दाफाश है। जब 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम सर्वसम्मति से पारित हुआ था, तब स्वयं विपक्षी दलों ने इसकी शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की थी। लेकिन जब सरकार ने महिलाओं को शीघ्र लाभ देने के उद्देश्य से पहल की, तब वही विपक्ष अपने स्वार्थों के कारण पीछे हट गया।

उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत सरकार को यह विश्वास था कि महिला सशक्तिकरण जैसे विषय पर कोई राजनीति नहीं होगी। किंतु कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने अपनी कुटिल मंशा उजागर करते हुए इस ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया।

अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही पारित हो चुका है और लागू है। जनगणना एवं परिसीमन की प्रक्रिया के कारण उसके क्रियान्वयन में समय का प्रावधान था, जिसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान पहल की गई थी। इसमें कोई नई या विवादित बात नहीं थी, बल्कि महिलाओं को जल्द से जल्द उनका अधिकार देने की मंशा थी।

विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के हितों के प्रति केवल प्रतिबद्ध नहीं, बल्कि निरंतर कार्यरत है। भाजपा ने पहले भी महिलाओं के अधिकारों के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी उठाती रहेगी।

अग्रवाल ने कहा कि देश की महिलाएं सब कुछ देख रही हैं और समय आने पर इस अवसर को बाधित करने वालों को उचित जवाब देंगी। यह घटना विपक्ष की गिरती साख और जनता से दूर होती सोच का प्रमाण है।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *