सुकमा के सुदूर अंचलों में गूंजी शिक्षा की नई अलख

जगरगुंडा में भव्य शाला प्रवेशोत्सव, नवप्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत

शासन की योजनाओं का मिला सीधा लाभ, निःशुल्क पुस्तकें, कॉपियां और गणवेश वितरित

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वन तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्र जगरगुंडा में संकुल स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर वनांचल के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।

’नवप्रवेशी बच्चों का किया गया विशेष स्वागत’

जगरगुंडा, सिलगेर, मिसिगुड़ा, मिलमपल्ली और बंजेपल्ली जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। पहली बार विद्यालय पहुंचे बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

’मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान’

कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति प्रेरणा और उत्साह का संचार हुआ। जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत कर अपने क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

’शासन की योजनाओं से बच्चों को मिली आवश्यक शिक्षण सामग्री’
राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन तथा गणवेश वितरित किए गए। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन आवश्यक सामग्री प्राप्त होने से बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

’शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य  कोरसा सन्नू सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है।

’शिक्षा से जुड़ रहा है सुदूर वनांचल’

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन बन चुका है। शासन की योजनाओं और प्रशासन की सक्रिय पहल से अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है।

’शिक्षा के उजाले की ओर बढ़ते कदम’

जगरगुंडा में आयोजित यह शाला प्रवेशोत्सव इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं और प्रशासन के सतत प्रयासों से अब सुकमा के सुदूर क्षेत्रों में भी शिक्षा की नई चेतना विकसित हो रही है। यह पहल सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। कार्यक्रम में जनपद सदस्य जानकी कवासी,  जनप्रतिनिधि,  पूर्व छात्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, पालक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *