छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में 570 किसानों ने की आत्महत्या

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है। होली त्योहार पर तीन दिवसीय अवकाश के बाद सोमवार को फिर से सदन की कार्रवाई शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी ने छत्तीसगढ़ में साल 2019 से 2022 के बीच किसानों की आत्महत्या की संख्या और उन्हें मुआवजा देने संबंधी प्रावधानों की जानकारी गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से पूछी। इस पर जवाब देते हुए गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि इन 3 वर्षों में कुल 570 किसानों ने छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की है।

 

साहू ने बताया कि इन किसानों में से 187 और 79 अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के तथा 304 पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हैं। साहू ने यह भी कहा कि सिर्फ दो ही किसानों ने किसानी के कारण से आत्महत्या की है। गृहमंत्री के जवाब के बाद भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने उत्तरप्रदेश के किसानों को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 50 लाख रुपये मुआवजा देने का मामला उठाते हुए कहा कि, जब वहां के किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार 50 लाख का मुआवजा दे सकती है, तो छत्तीसगढ़ के किसानों को उतनी ही रकम क्यों नहीं दी जा रही।

 

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