देश में XE वैरिएंट का दूसरा केस, गुजरात में मिले कोरोना मरीज में इसके संक्रमण की पुष्टि- रिपोर्ट

अहमदाबाद। ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XE से संक्रमित मरीज गुजरात में मिला है। मीडिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के टॉप सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि यह मरीज 13 मार्च को पॉजिटिव मिला था और एक हफ्ते में ठीक हो गया।

जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चला है कि मरीज कोरोना के XE वैरिएंट से संक्रमित था। सूत्रों ने बताया है कि मरीज के सैंपल की जांच एक बार फिर से की जाएगी, ताकि XE वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हो सके। मालूम हो कि भारत में XE का पहला के मुंबई में मिला है। दक्षिण अफ्रीका से मुंबई लौटी महिला में इस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। 27 फरवरी को महिला कोरोना संक्रमित पाई गई थी।

क्या है XE वैरिएंट?

XE ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट्स (BA.1 और BA.2) का कॉम्बिनेशन है। शुरुआती स्टडीज में पता चला है कि BA.2 की तुलना में XE वैरिएंट की वृद्धि दर 9.8 फीसदी है। BA.2 को स्टील्थ वैरिएंट भी कहा जाता है। इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यह पिछले वैरिएंट्स से ज्यादा तेजी से फैलने वाला हो सकता है।

ओमिक्रॉन से कितना खतरनाक?

स्टडीज के अनुसार, यह वैरिएंट BA.2 सब वैरिएंट से 10 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। तेजी से फैलने के चलते यह म्यूटेंट भविष्य में ज्यादा परेशानियां खड़ी कर सकता है। साथ ही इस नए वैरिएंट के चलते कोविड-19 की नई लहर आने का खतरा भी है।

XE वैरिएंट के लक्षण क्या हैं?

WHO के अनुसार, फिलहाल, ओमिक्रॉन वेरिएंट के हिस्से के तौर पर XE वेरिएंट की निगरानी की जा रही है। इसका शिकार होने वाले मरीज में ओमिक्रॉन जैसे ही लक्षण नजर आते हैं। इनमें बुखार, गले में खराश, सर्दी और खांसी समेत कई लक्षण शामिल हैं।

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