रायपुरः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पर्यावरण एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की समीक्षा के दौरान सरकारी अस्पतालों में जेनेरिक दवाईयों की बजाय ब्रांडेड दवाई लिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो सरकारी डॉक्टर ब्रांडेड दवाईयां लिखते हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने तत्काल सभी कलेक्टरों और सीएमएचओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित करें की डॉक्टर सिर्फ जेनेरिक दवाईयां ही लिखे। मुख्यमंत्री को यह जानकारी मिली थी कि बार-बार हिदायत के बावजूद डॉक्टर जेनेरिक की बजाय ब्रांडेड दवाईयां लिख रहे हैं।बता दें कि लोगों को सस्ती दवाईयां मिलें, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू किए हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस योजना के तहत 159 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इन मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से अब तक विक्रय की गई दवाईयों से लगभग 17 लाख 92 हजार नागरिकों के 17 करोड़ 38 लाख रूपए की बचत हुई है।
इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी., आयुक्त, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल डॉ अयाज भाई तम्बोली, टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग के संचालक जय प्रकाश मौर्य, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौमिल रंजन चौबे सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










