मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा, दुर्ग में भी रायपुर की तरह बनेगा होलसेल कॉरिडोर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी घोषणा की है. दुर्ग में भी रायपुर की तरह होलसेल कॉरिडोर बनेगा। दरअसल मुख्यमंत्री ने आज जिला मुख्यालय दुर्ग में जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के नवीन कार्यालय भवन के लोकार्पण समारोह में उद्योगपतियों की मांग पर ये घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को दिए जमीन चिन्हांकन के निर्देश। उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के लोकार्पण के समय कहा कि स्थानीय लोगों का स्किल डेवलपमेंट करें,उनके लिए रोजगार की संभावना होगी तो वे उद्योगों को स्वीकार करेंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने खास अंदाज में आयोजन में शामिल उद्योगपतियों से कहा कि आप तो स्टील बेचते हैं, हम तो गोबर भी बेच देते हैं. मुख्यमंत्री का इशारा गौठानों को ग्रामीण उद्योग के रूप में बदलने को लेकर था. उन्होंने कहा कि रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में इसे विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं. आपके उद्योगों के लिए इन रूरल पार्क से काफी मदद मिल सकती है.

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि दुर्ग जिला औद्योगिक जिला है, लेकिन देश मे ओद्योगिक केंद्र की पहचान भिलाई से है. बीएसपी की स्थापना के बाद यहां उद्योगों की शुरुआत हुई. बीएसपी प्रदेश के उद्योगों के लिए रीढ़ की तरह है. दुर्ग के निर्माण में यहां के उद्योगों की बड़ी भूमिका है. बीच के दौर में निजीकरण का दौर चला और श्रमिकों की मांग घटी. तकनीक का असर पड़ा है.

उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के साथ बैठकों के बाद हमने उद्योग नीति बनाई. सभी राज्यों की अच्छी नीतियों का समावेश रहा. कोरोना काल में लगातार मैं उद्योग संगठनों से मिलता रहा, उनकी समस्याएं जानी और इसका निराकरण किया. हमने प्रदेश के उन क्षेत्रों में भी उद्योग प्रसार की नीति अपनाई जहां पर उद्योग कम थे. मैंने फाइनल ड्राफ्ट बनने के बाद भी उद्योगपतियों से चर्चा की. उन्होंने कहा कि इस नीति में एनपीए नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उद्योग की बात आती है तो रोजगार के उद्देश्य से इसकी मांग होती है, लेकिन कई बार स्थानीय स्तर पर विरोध होता है. हमने उन्हें बताया कि स्थानीय स्तर पर रोजगार हो तो आपको पलायन की जरूरत नहीं पड़ेगी.

उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान ऐसे स्थल के लोगों से बात हुई, जहां काफी संख्या में श्रमिकों को गोआ से वापस लाया गया था. हमने उन्हें बताया कि स्थानीय स्तर पर उद्योग के कार्य हो सकें. हमने ऑरेंज एरिया चिन्हांकित किये. चैम्बर के अधिकारियों से बस्तर में बैठक ली. उन्हें बताया कि जब आप उद्योग लगाएं तो स्थानीय स्तर पर सर्वे कर लोगों का कौशल उन्नयन करें, फिर लोग उद्योग प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि अब उनके लिए आपके पास रोजगार की संभावना है.

हमने ग्रामीण क्षेत्रों में गौठान को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं. आप अपने कम्पोनेन्ट यहां बनवा सकते हैं. आपके उद्योगों के लिए इन रूरल पार्क से काफी मदद मिल सकती है. आप लोग विजनरी हैं, सरकार की पूरी सहायता आपके साथ हैं. आप आगे बढ़े, प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य शानदार रूप से उन्नत होगा.

 

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