दुर्ग: उतई स्थित सीआईएसएफ सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़े के बाद दुर्ग पुलिस एक्शन में आ गई है। आरोपियों की तलाश में दुर्ग पुलिस आगरा पहुंच गई है। टीम ने संदेह के आधार पर स्थानीय पुलिस के साथ आगरा उत्तर प्रदेश में आरोपी सुनील, रॉबिन, धर्मपाल और उदयभान के ग्राम कंडेर स्थित घरों पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचने के पहले चारों आरोपी घर छोड़कर भाग निकले। चारों के लोकेशन लगातार बदल रहे हैं। आज सुबह पुन: आरोपियों की घेराबंदी की तैयारी है।
सीआईएसएफ और एसएससी के अफसरों से भी होगी पूछताछ
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि भर्ती परीक्षा में फार्म भरने वाले आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें तीन एक गांव और एक अन्य दूसरे गांव का है। चारों के स्थान पर रिटर्न परीक्षा देने वाला सॉल्वर इन्हीं का रिश्तेदार हैं। चारों 12वीं पास हैं। चारों के परिजन खेती किसानी करते हैं। इधर पुलिस ने तय किया है कि सीआईएसएफ और एसएससी के अधिकारियों से भी इस पूरे मामले में पूछताछ की जाएगी। उनके बयान लिए जाएंगे। इधर सोमवार को पुलिस ने आरोपियों के लिए घेराबंदी की है।
एसएससी से मांगे दस्तावेज, सीआईएसएफ में भी पूछताछ
इस पूरे फर्जीवाड़े में पुलिस को आशंका है कि गिरोह के साथ स्थानीय लोगों को भी मिली भगत है। इसके साथ एसएससी में सांठगांठ करके गिरोह ने रिटर्न एग्जाम दिया। जांच से जुड़े दस्तावेजों के लिए पुलिस सीआईएसएफ और एसएससी के अधिकारियों से पत्राचार के साथ पूछताछ करेगी। पुलिस ने फिजिकल परीक्षा देने आए चारों आरोपी और दोनों दलालों से जब्त दस्तावेजों की तस्दीक कर ली है। जब्त आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज फर्जी निकले हैं।
दलाल का सही नाम हाथ पर बने टैटू से पता चल पाया
पुलिस के मुताबिक फिजिकल परीक्षा देने आए चंद्रशेखर, श्यामवीर, महेंद्र और अजीत सिंह को दलाल दुर्गेश और हरिओम लेकर आए थे। दलाल दुर्गेश पकड़े जाने के बाद अपना सही नाम नहीं बता रहा था। वह अपना नाम झाड़ी बताकर पुलिस को गुमराह कर रहा था।
पुलिस ने पूछताछ के दौरान एक सीधे हाथ में टैटू बना देखा। टैटू में दुर्गेश नाम लिखा हुआ था। पुलिस ने जब टैटू के संबंध में सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना सही नाम कबूल किया है। संदेह है कि वह पहले भी ऐसी घटना कर चुका है।
गांव में कई ऐसे लोग जो इस फर्जीवाड़े में हैं शामिल
दुर्ग पुलिस को यूपी के फतेहाबाद में आरोपियों अभ्यर्थी सुनीलपाल, रॉबिन सिंह, धर्मपाल और उदयभान की तलाश में शनिवार देर रात दबिश दी। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों के घरों की घेराबंदी की गई। इससे पता चला कि आरोपी घर छोड़कर भाग गए है।
पुलिस और ग्रामीणों से संपर्क करने पर पता चला कि भर्ती परीक्षा में आवेदन करने वाले चारो आरोपी आपस में रिश्तेदार है। इनके स्थान पर रिटर्न परीक्षा देने वाला भी रिश्तेदार है। आसपास के दो गांव में कई ऐसे युवक है जो फर्जीवाड़े में शामिल हैं।
आरोपियों की तलाश है जारी, जल्द पकड़े जाएंगे
पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में लगी हुई है। आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहे हैं। टीम जांच में जुटी हुई है। आरोपियों के पकड़ने जाने के बाद धोखाधड़ी से जुड़ी कई कड़िया जुड़ पाएंगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। भिली भगत की शंका से एसएससी से जुड़े एक्जामिनर और सीआईएसएफ के अधिकारियों से जरुरी होने पर पूछताछ होगी।










