रद्द की गई ट्रेनें यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण, सांसद ज्योत्सना महंत ने रेलमंत्री को लिखा पत्र

कोरबा। रद्द की गई ट्रेनों को यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिखा है।
सांसद महंत ने पत्र में उल्लेख किया है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली करीब 35 ट्रेनों को कोयला ढुलाई के नाम पर 24 मई से 24 जून तक के लिए बंद किया गया है। इसमें 23 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इससे एक माह पहले भी 22 ट्रेनों को बंद किया गया था। बंद हुई ट्रेनों में कई महत्वपूर्ण है, जिसमें हजारों लोग सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें भगत की कोठी और बिलासपुर-कटनी रूट पर चलने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं। ये यहां की जनता के लिए लाइफ लाइन की तरह है, जिसमें कामकाजी और नौकरीपेशा वाले लोग रोज सफर करते हैं। इन ट्रेनों का परिचालन ऐसे समय में बंद किया गया है, जब शादी का सीजन और समर वेकेशन चल रहा है। लोगों ने पहले से रिजर्वेशन करा रखे थे, अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांसद ने कहा कि बंद हुई ट्रेनों के परिचालन के संबंध में पहले भी पत्र लिखा गया था, लेकिन उस पर विचार न कर तुगलकी फरमान जारी किया गया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों का परिचालन बंद किया जाना उचित नहीं है। प्रजातंत्र में जनभावनाएं सर्वाेपरि हैं। इसलिए ट्रेनों को बंद करने का आदेश निरस्त कर उनका परिचालन शुरू किया जाए। एक दिन पहले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के दौरे पर पहुंची सांसद ज्योत्सना महंत ने वहां भी कहा था कि कोयले के लिए ट्रेनों को बंद किया जा रहा है। योजनाएं तो केंद्र की हैं, इसमें राज्य सरकार क्या कर सकती है, लेकिन ट्रेनों को इस तरह से बंद कर केंद्र सरकार हमारे साथ क्या कर रही है, उसे समझा जा सकता है। हमने पहले भी रेलमंत्री को कहा, फिर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने बिलासपुर जोन और यहां से गुजरने वाली जिन ट्रेनों को रद्द किया है वे आम जनता के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। इनमें से बिलासपुर जोन की एक्सप्रेस और मेमू-डेमू तो यहां की जनता के लिए लाइफ लाइन के समान हैं। खासकर वे ट्रेनें जो बिलासपुर-कटनी रूट पर चलती हैं। ज्यादातर ट्रेनें इसी रूट की है। बिलासपुर-भोपाल, बिलासपुर-रीवा जैसी ट्रेन को काफी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा मेमू लोकल भी बहुत मायने रखती है। ये सभी ट्रेनें उसलापुर, घुटकू, कलमीटर, करगीरोड कोटा, सल्का, बेलगहना, टेंगनमाड़ा, खोंगसरा, खोडरी, सारबहरा, पेंड्रारोड, अनूपपुर होते हुए शहडोल तक काफी महत्वपूर्ण हैं। अधिकांश ट्रेनों को रद्द कर कोयले की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

 

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