खतरनाक बीमारी के कारण 1000 मवेशियों की मौत , 33 हजार संक्रमित, पशु पालकों की बढ़ी चिंता

गुजरात। गुजरात में खतरनाक बीमारी के कारण 1000 मवेशियों की मौत हो गई है। जबकि 33 हजार मवेशी इस बीमारी से संक्रमित हैं। राज्य के 14 जिलों में लगभग 37000 जानवर इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं और वायरस को फैलने से रोकने के लिए 2.68 लाख जानवरों का टीकाकरण भी किया गया है। इस बीमारी की जांच, रोकथाम और उपचार के लिए केंद्र सरकार ने गुजरात और राजस्थान में एक्सपर्ट्स की टीम भेजी है। इस बीमारी का नाम है लंपी स्किन डिजीज़(Lumpy Skin Disease – LSD)। हिंदी में इसे गांठदार त्वचा रोग या ढेलेदार त्वचा रोग कहते हैं।स

केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि राजस्थान में भी यह बीमारी फैल रही है। केंद्र की एक टीम गुजरात में तैनात कर दी गई है, ताकि इस बीमारी की रोकथाम की जा सके। यह मवेशियों में होने वाली एक जानलेवा त्वचा रोग है। पुरुषोत्तम रुपाला ने बताया कि LSD से संक्रमित मवेशी को अन्य मवेशियों से अलग कर दिया जा रहा है। अन्य मवेशियों को वैक्सीन लगाई जा रही हैं। देश के सभी राज्यों को इस बीमारी के प्रति सचेत करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

LSD होने पर मवेशियों को आता है बुखार

लंपी स्किन डिजीज़(Lumpy Skin Disease – LSD) एक तरह की वायरल बीमारी है। जो मच्छरों, मक्खियों, कीटों और भुनगों से फैलती है। ये कीट-पतंगें सीधे तौर पर गायों के आसपास मंडराते हैं। ये उनके खाने और पीने को भी संक्रमित करते हैं। लंपी स्किन डिजीज़ होने पर मवेशी को तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी निकलना, मुंह से ज्यादा झाग निकलना, पूरे शरीर पर छोटे-छोटे गांठों का बनना दिखता है। दूध का उत्पादन कम हो जाता है। मवेशी खाना कम कर देते हैं। इसकी वजह से धीरे-धीरे मवेशी की मौत हो जाती है। एनिमल हसबैंड्री और डेयरी विभाग इस बीमारी और मवेशियों की हालत पर बारीकी से नजर रख रही है।

पहली बार 2019 में ओडिशा में दर्ज हुई थी बीमारी

लंपी स्किन डिजीज़ (Lumpy Skin Disease – LSD) पहली बार सितंबर 2019 में ओडिशा में दर्ज की गई थी। तब से लेकर अब तक यह 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रिपोर्ट की गई है। ये हैं- छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, गोवा, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, राजस्थान और पंजाब।

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