कांग्रेस जोर-शोर से मनाएगी आदिवासी दिवस

भोपाल । एमपी में आदिवासियों को साधने के लिए कांग्रेस बड़ा कार्ड खेलेगी। कांग्रेस 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस को धूमधाम से मनाएगी। बीजेपी 9 अगस्त को कोई आदिवासी दिवस नहीं होने की बात कह रही है। अब दिवस भी बीजेपी और कांग्रेस के हो गए हैं। ये मेरा दिवस वो तेरा दिवस चल रहा है। आदिवासी दिवस को लेकर बीजेपी और कांग्रेस की अपनी-अपनी तारीख बता रही है। कांग्रेस 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाएगी, तो बीजेपी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाएगी।
दरअसल 2023 के चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आदिवासियों को साधने की बड़ी तैयारी है। प्रदेश भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ आदिवासी दिवस पर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा जा सकते हैं। वहां आदिवासियों से मुलाकात करेंगे। 9 अगस्त को भारत छोड़ो आन्दोलन और आदिवासी दिवस पर कांग्रेस की बड़ी तैयारी है। 2019 में कमलनाथ सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश घोषित किया था। आदिवासी वोट बैंक को भाजपा से छीनने के लिए कांग्रेस बड़े दाव खेल रही है।

क्रॉस वोटिंग के बाद कमलनाथ का मेगा प्लान
राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद अपने ही आदिवासी विधायकों को साधने के लिए कमलनाथ ने मेगा प्लान तैयार किया है। कांग्रेस भोपाल से लेकर भाभरा तक जनजातीयमय होगी। आदिवासी दिवस पर कमलनाथ की मेगा शो की तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस जोर-शोर से आदिवासी दिवस मनाएगी। 9 अगस्त को 52 जिलों से लेकर ब्लॉक स्तर तक कांग्रेस कार्यक्रम करेगी। 13 से अधिक कांग्रेस के आदिवासी विधायकों ने राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया था।

9 अगस्त को कोई आदिवासी दिवस नहीं है: बीजेपी
बीजेपी मीडिया प्रभारी लोकेश पाराशर ने कहा कि कमलनाथजी अपनी याददाश्त खो चुके हैं। 9 अगस्त को कोई आदिवासी दिवस नहीं है। कमलनाथ पटवारी की विचारधारा के पोषक हैं। कमलनाथ यूएनए की विचारधारा के पोषक हैं। यूएनए में मूलनिवासी दिवस का षड्यंत्र था। वहीं कांग्रेस मीडिया प्रभारी केके मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस एक्चुअल जिंदगी जीती है। एक्चुअल इतिहास बताने पर भरोसा करती है। भटकाने का पाठ्यक्रम बीजेपी के दफ्तरों से चलता है। कमलनाथ जी का दौरा तय हो गया है, तो बीजेपी यूएनए के फैसले को चुनौती देने चली है। बीजेपी झूठों की पार्टी है। कल को यह भी कहा जाएगा कि 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ नहीं है।

 

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