प्रत्यक्ष को मिली नेत्र की रोशनी
अब चहक रही है कोमल, पायल और मुस्कुरा रहा है युवान
रायपुर, 24 फरवरी 2023

प्रत्यक्ष नाम मां ने अपने बेटे का रखा था, ताकि हमेशा उसकी आंखों के सामने रहे। लेकिन जब प्रत्यक्ष थोड़ा बड़ा हुआ, तो पता चला कि वो ठीक से देख नहीं पाता है। प्रत्यक्ष की मां नीलावती राठिया के लिए यह दुख पहाड़ के समान था। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के चलते इलाज करा पाना भी संभव नहीं हो पा रहा था।
समय बीतता रहा और प्रत्यक्ष 3 साल का हो गया। नीलावती ने उम्मीदें छोड़ दी थीं कि अब उनका बेटा कभी देख भी पाएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना नीलावती के लिए वरदान बन कर आई। यहां से प्रत्यक्ष की मां को पता चला कि उसे मोतियाबिंद है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा शुरू की गई डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से उसका इलाज भी निःशुल्क हो जाएगा। आखिरकार वो दिन भी आ गया जब प्रत्यक्ष की आंखों का ऑपरेशन हो गया और उसकी आंखों की रोशनी लौट आई।






