प्रदेश के आंदोलनरत कर्मचारियों के मुद्दे पर बीजेपी का स्थगन प्रस्ताव, सदन में चर्चा कराने की मांग, हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित

रायपुर। बीजेपी ने राज्य के अनियमित, संविदा और दैनिक वेतन भोगी समेत अन्य आंदोलनरत कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर राज्य विधानसभा में बीजेपी ने काम रोको प्रस्ताव लाकर सदन में चर्चा की मांग की। हालाकि विधानसभा उपाध्यक्ष ने इस मुद्दे पर बीजेपी विधायकों की बात सुनने के बाद स्थगन को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

राज्य के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 4 लाख आंदोलनरत कर्मचारियों की वजह से प्रदेश की पूरी व्यवस्था ठप्प हो गई है लेकिन सरकार इस मुद्दे पर कोई चर्चा या आंदोलनरत कर्मचारियों से संवाद को तैयार नहीं है। राज्य के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा पूरे प्रदेश में दैनिक वेतन भोगी, अनियमित सहित कई कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।शासन द्वारा कोई बात नही की जा रही, जिससे पूरे प्रदेश की जनता के काम रुके हुए हैं। 145 संगठन आंदोलन में है इसलिए स्थगन में चर्चा करवाया जाए। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि सरकार बनी तो मुख्यमंत्री का अभिनंदन कार्यक्रम रखा था। 2019 में उन्होंने कहा था इस बार किसानों का अगली बार कर्मचारियों का लेकिन 5 साल होने को है कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हुई। राज्य के मुख्यमंत्री ने सदन में विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा की कर्मचारियों के लिए जो घोषणा हुई है उससे कर्मचारी संतुष्ट है और धन्यवाद देने विधानसभा आए है। इसबीच विधानसभा उपाध्यक्ष ने विपक्ष के स्थगन को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया की आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा हो जाएगी। उपाध्यक्ष द्वारा स्थगन अस्वीकार कर दिए जाने से बीजेपी विधायक दल उत्तेजित हो गया और सदन में हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दिया जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

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