बिहार में होगा खेला ! : भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी दिल्ली बुलाए गए, सभी विधायक पटना में, मांझी ने किया ये इशारा

पटना। बिहार में एक बार फिर खेला होने की अटकलें है। भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। वे दिल्ली रवाना हो गए हैं। वहीं पार्टी के सभी विधायकों को पटना में रहने कहा गया है। वहीं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सभी विधायकों को पटना में रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने बिहार में खेला होने का संकेत दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। चर्चा है कि लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि इस पर किसी ने बयान नहीं दिया है। इससे जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस महागठबंधन में अंदरूनी कलह बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर खेल कर सकते हैं।

नीतीश कुमार का परिवारवाद के बहाने लालू यादव पर कसा तंज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर परिवारवाद पर तंज कसा था। नीतीश ने कहा था कि कर्पूरी ठाकुर ने सभी परिवार को आगे नहीं बढ़ाया। उन्हीं से प्रेरणा लेकर मैंने भी अपने परिवार के किसी व्यक्ति को आगे नहीं बढ़ाया। कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद ही उनके पुत्र रामनाथ ठाकुर को आगे बढ़ाया। लेकिन आज तो लोग परिवारवाद को आगे बढ़ाते हैं। सीएम नीतीश ने कहा कि मेरा विश्वास काम करने में है। राज्य के हित में काम करता रहता हूं। राज्य के हित के लिए जो भी करना होगा करेंगे।

लालू की बेटी रोहिणी आचार्य के पोस्ट पर सियासी बवाल

इस बयान के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिना नाम लिए नीतीश कुमार पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट किए। जिसके बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। खबर है कि इस पोस्ट पर नीतीश कुमार ने अपने पीआर टीम से रिपोर्ट मंगाई है। इसके बाद रोहिणी ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ‘अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां, लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते हैं बदतमीजियां…’। दूसरे पोस्ट में लिखा कि, ‘खीज जताए क्या होगा, जब हुआ न कोई अपना योग्य। विधि का विधान कौन टाले, जब खुद की नीयत में ही हो खोट।‘ आगे लिखा था कि, ‘समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है’।  ये तीनों पोस्ट रोहिणी आचार्य ने डिलीट कर दी है। वहीं इससे बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

बिहार विधानसभा में आरजेडी बड़ी पार्टी

विधानसभा चुनाव 2020 में जेडीयू और भाजपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। भाजपा के 78 और जेडीयू के 45 विधायक जीते। जबकि लालू की पार्टी आरजेडी ने 79 सीट जीतने में कामयाब हुए। जेडीयू और बीजेपी गठबंधन को सरकार चलाने के लिए जनमत मिला था। कुछ दिनों तक सरकार चली लेकिन नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दी और महागठबंधन के मुख्यमंत्री बन गए।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *