कानपुर में ट्रेन हादसे की साजिश नाकाम : ट्रैक पर रखा LPG सिलेंडर, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों जानें

कानपुर। देश के कई हिस्सों में ऐसी ही घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रची गई है। इस साजिश का मकसद कानपुर को फतेहपुर से जोड़ने वाले दिल्ली-हावरा रेलवे ट्रैक पर एलपीजी गैस सिलेंडर रखकर मालगाड़ी को पटरी से उतारना था।

बता दें कि, कानपुर के प्रेमपुर रेलवे स्टेशन के पास लूप लाइन पर एलपीजी सिलेंडर रखा मिला। यह घटना आज सुबह 5:50 बजे हुई। लोकोमोटिव पायलट और सहायक लोकोमोटिव पायलट ने मालगाड़ी को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मियों ने आरपीएफ और अन्य विभागीय अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी।

रेलवे ट्रैक पर 5 किलो का खाली सिलेंडर रखा मिला

घटनास्थल से मिली तस्वीरों से पता चलता है कि रेलवे ट्रैक पर 5 किलो का खाली सिलेंडर रखा हुआ था। पायलट और को-पायलट की सतर्कता से ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम हो गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे जोन के प्रयागराज डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने इस मामले की जानकारी दी है।

पिछले महीने पटरियों पर भारी पत्थर रखने से 22 डिब्बे पटरी से उतरे

हाल के हफ्तों में कानपुर में दो रेल दुर्घटनाएं बाल-बाल बची हैं। एक बार तो ट्रक पटरी पर पलट गया था, जिससे कई घंटों तक रेल यातायात बाधित रहा। पिछले महीने पटरियों पर भारी पत्थर रखे जाने से 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। यह घटना भी रात के समय हुई थी। सौभाग्य से इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पिछले कुछ दिनों में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने या ट्रेन दुर्घटनाएं कराने की कोशिशों के संकेत मिले हैं। कुछ लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका है। यह बेहद गंभीर मामला है। जोन और रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इलाकों में जीआरपी और आरपीएफ बलों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें। खुफिया प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए और इस महत्वपूर्ण साजिश में शामिल हर अराजक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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