रायपुर पुलिस ने 30 घंटे में सुलझाया 60 लाख की डकैती का मामला, पीड़ित की बहन ने की थी पूरी प्लानिंग,जानें कैसे दिया वारदात को अंजाम

रायपुर। रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में नगरीय निकाय चुनाव मतदान के बीच हुई दिनदहाड़े डकैती की घटना का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने नागपुर के दो अंतर्राज्यीय बदमाशों और एक महिला समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के 59.50 लाख रुपये नगद, सोने के आभूषण और घटना में इस्तेमाल की गई दो कार जब्त की है. आरोपियों ने बिना नंबर की रिज्ड कार में सवार होकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था. इस पूरे मामले का खुलासा रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा ने किया है. साथ ही आईजी ने जांच टीम को 30,000 रूपये नगद इनाम देने की घोषणा की है.

जानें कैसे रची गई थी डकती की साजिश, मास्टरमाइंड निकली महिला
प्रार्थी की बहन नेहा त्रिपाठी डीएसपी की बेटी राजनांदगांव निवासी है, जो पूरे डकैती के वारदात की मास्टरमाइंड है. उसने अपने मित्र BSF के रिटायर्ड सूबेदार मेजर ए. सोम शेखर के साथ मिलकर डकैती की प्लानिंग की थी. पुलिस जांच में पता चला कि ए. सोम शेखर, जो बीएसएफ से 2011 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर जमीन दलाली और एनजीओ से जुड़ा था, प्रार्थी के परिवार से परिचित भी था. उसे घर में रखे पैसे की जानकारी पीड़ित की बहन ने दे रखी थी. उसने अपने साथी देवलाल वर्मा और कमलेश वर्मा के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई. इस योजना में देवलाल और कमलेश ने अन्य अपराधियों को शामिल किया, जिनमें अजय ठाकुर, राहुल त्रिपाठी, नेहा त्रिपाठी, शाहिद पठान, पिंटू सारवान और मनुराज मौर्य शामिल थे. इस पूरी वारदात को महिला डकैत लीड कर रही थी. आरोपियों ने लगातार रेकी की और फिर 11 फरवरी को योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया.

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