महाकुंभ: म्यूजिक डायरेक्टर विशाल ददलानी ने योगी आदित्यनाथ को दी खुली चुनौती, कहा- संगम का पानी पीकर दिखाएं

मुंबई। गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महाकुंभ के पानी की गुणवत्ता को लेकर खुली चुनौती दी है। यह सब तब शुरू हुआ जब 17 फरवरी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि महाकुंभ के स्थलों पर स्थित पानी में फेकल बैक्टीरिया और टोटल कोलीफॉर्म का उच्च स्तर पाया गया है। इसके बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि संगम का पानी पीने योग्य है।

विशाल ददलानी ने योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर सोशल मीडिया के जरिए कड़ी प्रतिक्रिया दी और उन्हें सीधे चुनौती दी कि वह प्रयागराज में संगम का पानी पीकर दिखाएं।

विशाल ददलानी की चुनौती का पूरा मामला

विशाल ददलानी ने इंस्टाग्राम पर सीएम योगी आदित्यनाथ को एक चुनौती देते हुए लिखा, “नफरत करने वालों की चिंता मत करो, सर। हमें आप पर भरोसा है। कृपया आगे बढ़िए और एक बढ़िया चंकी गिलास लीजिए। सीधे नदी से, कैमरे पर।” इस ट्वीट में ददलानी ने योगी से संगम के पानी को पीने की बात की, जो उन्होंने खुद पीने योग्य बताया था। इससे पहले, एनजीटी की रिपोर्ट ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी, क्योंकि उसमें महाकुंभ के कुछ स्थानों पर पानी में प्रदूषण का दावा किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्थानों पर पानी में बैक्टीरिया और कोलीफॉर्म का स्तर अत्यधिक था। हालांकि, योगी आदित्यनाथ ने इस रिपोर्ट को सिरे से नकारा और कहा कि संगम का पानी बिल्कुल सुरक्षित और पीने योग्य है।

विशाल ददलानी का गुस्सा और जवाब

विशाल ददलानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एनजीटी की रिपोर्ट को लेकर एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “यदि आप पेचिश, हैजा, अमीबायोसिस आदि के लाखों मामलों को सामने आते नहीं देख सकते हैं, तो आप जरूर खास हैं। कृपया आगे बढ़ो और अपने और अपने परिवार को सीवेज में डुबो दो। आपको और पावर मिले।” विशाल की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई, और लोग उनकी बातों पर चर्चा करने लगे। ददलानी के इस बयान में उनका गुस्सा साफ नजर आ रहा था, जो एनजीटी रिपोर्ट को नकारने के बाद आया था।

महाकुंभ के पानी की गुणवत्ता पर सवाल

एनजीटी की रिपोर्ट में महाकुंभ के विभिन्न स्थलों पर पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। रिपोर्ट में कहा गया कि पानी में फेकल बैक्टीरिया का स्तर अधिक पाया गया था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। इन बैक्टीरिया के कारण दस्त, हैजा और अन्य जलजनित रोग हो सकते हैं।

इसके बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा था कि संगम का पानी पीने योग्य है और इस मामले में किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, विशाल ददलानी ने इस बयान का विरोध किया और सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की।

विशाल ददलानी का इशारा

विशाल ददलानी का यह बयान सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह उन सभी लोगों के खिलाफ था, जो इस मुद्दे पर आंखें मूंदकर बैठे हैं। ददलानी ने इस पूरी स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और लोगों को यह याद दिलाया कि अगर पानी में बैक्टीरिया और प्रदूषण की मात्रा अधिक हो, तो यह पूरे देश के लिए खतरे की बात हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ को अपने परिवार के साथ संगम का पानी पीकर यह साबित करना चाहिए कि वह सच कह रहे हैं। ददलानी ने यह चुनौती सार्वजनिक मंच पर दी, जो काफी चर्चित हो गई।

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