पति सुंदर नहीं है कहकर पत्नी ने छोड़ दिया ससुराल, हाईकोर्ट में तलाक याचिका मंजूर

बिलासपुर। पति सुंदर नहीं है, इसलिए उसकी पत्नी पिछले चार सालों से अलग रहने लगी। पति के द्वारा बार बार बुलाने के बाद भी जब वो ससुराल नहीं लौटी तो पीड़ित पति ने तलाक की अर्जी बिलासपुर हाई कोर्ट में की। कोर्ट ने इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि, पति पत्नी में शारीरिक संबंध होना स्वस्थ्य वैवाहिक जीवन का अहम हिस्सा है। विवाह के बाद पति पत्नी में किसी के भी द्वारा शारीरिक संबंध से इंकार करना क्रूरता की श्रेणी में आता है। यहा फैसला सुनाते हुए पीड़ित की तलाक याचिका को स्वीकार कर लिया है।

दरअसल, बिलासपुर निवासी युवक की शादी बेमेतरा की एक युवती के साथ 25 नवंबर 2007 को हुई थी। शादी के बाद से ही उसकी पत्नी अपने मायके चली गई थी। इस बीच पति लगातार फोन से संपर्क कर अपनी पत्नी को आने को कहता रहा पर वो यह कहते हुए वापस आने से इनकार कर दी कि उसका पति सुंदर नहीं है। करीब चार सालों तक वो पति के घर नहीं आई। इस बात से आहत पीड़ित पति ने अपनी तलाक की अर्जी बिलासपुर फैमिली कोर्ट में अपील की, लेकिन फैमली कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, तो पति ने हाईकोर्ट में अपील की। इसे बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

इस मामले को लेकर विशेष टिप्पणी करते हुए कहा कि, पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध न होना क्रूर व्यवहार की श्रेणी में आता है।

इस मामले में जस्टिस पी सैम कोशी और जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने कहा कि, यह स्पष्ट है कि अगस्त 2010 से पति-पत्नी के रूप में दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है, जो यह निष्कर्ष निकलाने के लिए पर्याप्त है की उनके कोई शारीरिक संबंध नहीं हैं। पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध वैवाहिक जीवन के स्वस्थ होने के लिए महत्वपूर्ण भागों में से एक है। यदि एक पति या पत्नी के साथ शारीरिक संबंध से इनकार करना क्रूरता के बराबर है।

 

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