रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मीसाबंदी पेंशन बहाली का मामला उठा। बीजेपी विधायकों ने शून्यकाल में मीसा बंदियों के पेंशन बहाली के मसले पर स्थगन के जरिये चर्चा की मांग की। इस दौरान सदन में बीजेपी विधायकों ने जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि असहमति को कुचलकर आपातकाल लगाई गई। न्यायालय से जब फैसला हो चुका है फिर भी मीसा बंदियों को पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस सदन में चर्चा हो जाये या सदन में सरकार की ओर से पेंशन फिर से शुरू करने की घोषणा होनी चाहिए।
बीजेपी विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने मीसा बंदियों को पेंशन देने की शुरुआत की थी। राजनीतिक कारणों से उसे रोका गया। उसे फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस नहीं होती तो आपातकाल नहीं लगता। लोकतंत्र सेनानी का सम्मान आपातकाल में जेल गए लोगों को दिया गया। सरकार की हठधर्मिता है कि कोर्ट के निर्णय के बावजूद सम्मान निधि उन्हें नहीं मिल रहा है।










