छत्तीसगढ़ में 6 और नई तहसीलें 3 साल में 74 बनीं, 228 हो गईं

सीएम भूपेश बघेल ने मंगलवार को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रदेश में 6 नई तहसीलें बनाने की घोषणा की। इनमें कवर्धा जिले में पिपरिया और कुंडा, कोरिया जिले में बचरापौड़ी, बलरामपुर में चलगली, जांजगीर-चांपा में हसौद और मुंगेली में सरगांव शामिल हैं। इन इलाकों में तहसील की मांग काफी समय से चल रही थी। सीएम अलग-अलग अवसरों पर पिछले तीन साल में 74 नई तहसीलों के गठन की घोषणा कर चुके हैं। प्रदेश में अभी 222 तहसीलें हैं। छह नई तहसीलों को मिलाकर प्रदेश में तहसीलों की संख्या 228 हो जाएगी।

विधानसभा में प्रदेश के 1.12 लाख करोड़ रुपए का बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वादे पूरा करने वाली पार्टी है, जो कहती है वह करती है। हम सबके खाते में 15 लाख रुपए देने या कालाधन वापस लाने जैसी घोषणाएं नहीं करते।

सीएम ने कहा कि रसोई गैस में 50 रुपए और पेट्रोल-डीजल में वृद्धि के साथ चार राज्यों की जीत का असर दिखने लगा है। किसानों, आदिवासियों, युवाओं, महिलाओं और मजदूरों के हित की योजनाएं सरकार पूरा करेगी। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ का राजस्व सरप्लस स्थिति में है। प्रदेश में बजट का सिर्फ 80% कर्ज है। इसकी तुलना में झारखंड में 89, उत्तराखंड में 104, यूपी में 92, गुजरात में 146, मध्यप्रदेश में 125 और हरियाणा में 180 प्रतिशत कर्ज है।

अर्थात छत्तीसगढ़ की स्थिति पहले से स्थापित और साथ में बने राज्यों से बेहतर है। सीएम ने कहा कि राज्य के पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय घाटा भी बेहतर प्रबंधन और अनुशासन से लगातार कम किया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण राजस्व में कमी आई, लेकिन बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण हम कम ऋण भी ले रहे हैं। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के बाद इस साल सबसे कम कर्ज लिया है। चालू वर्ष में केवल एक हजार करोड़ का शुद्ध ऋण लिया गया है।

 

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