फिंगेश्वर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से पिटाई का एक मामला सामने आया है, दरअसल जिले के ग्राम पंचायत कोपरा की कार्यकारी महिला सरपंच ने रविवार को खुलेआम पंचायत भवन के बाहर अपने पंचायत सचिव की कालर पकड़कर पिटाई कर दी। मारपीट की यह घटना कुछ ही देर में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई। इसको सार्वजनिक रूप से प्रसारित व देखे जाने पर जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामले की जांचकर दोषियों पर सख्त अनुशात्मक व दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग जिला प्रशासन व जनपद अधिकारियों से की है। उल्लेखनीय है कि कोपरा में निर्वाचित सरपंच के बर्खास्त होने के बाद वर्तमान में महिला सरपंच योगेश्वरी साहू कार्यवाहक सरपंच है। मामले में सचिव ने पांडुका थाना में एफआइआर दर्ज करवाई है।
क्या कहती हैं सरपंच
इस बारे में कोपरा की कार्यकारी सरपंच योगेश्वरी साहू ने बताया कि ‘पंचायत में विधायक निधि से समरसता भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। रविवार को जब मैं पंचायत भवन आई तो मुझे मालूम पड़ा कि उक्त 10 लाख के समरसता भवन का स्टीमेट तथा प्रस्ताव संबंधी दस्तावेज में मेरे फर्जी हस्ताक्षर बनाकर ग्राम पंचायत सचिव जागेश्वर साहू ने फाइल तैयार की है।’
‘इस बारे में सचिव जागेश्वर साहू को तलब कर प्रस्ताव के बारे में पूछा तो वह घुमा-घुमाकर जवाब देने लगा। काफी देर तक सचिव से स्थिति स्पष्ट करने कहा परंतु सचिव अपनी गलती मान नहीं रहा था। स्थिति स्पष्ट करने के बजाय मामले के बारे में गलत-गलत बात कह रहा था। काफी देर बाद भी स्थिति स्पष्ट न होने और सचिव के उटपंटाग जवाब से मेरा गुस्सा बढ़ गया और गुस्से में मैंने सचिव के साथ मारपीट करते हुए उसका कालर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ग्रामीणों के बीच उसकी जमकर पिटाई की। परन्तु सचिव अंत तक अपनी गलती न मानकर बात को इधर उधर करता रहा। मैंने उसे पंचायत भवन के बाहर दौड़ा दौड़ा कर जमकर पीटा।’
क्या कहते हैं सचिव
इस संबंध में सचिव जागेश्वर साहू ने बताया कि ‘पूर्व में सरपंच द्वारा बिना प्रस्ताव के बोर खनन करवाया गया था। उसके बाद 26 जनवरी के लिए मिठाई का चालीस हजार का बिल पंचायत की बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में उपस्थित 19 में से 11 पंचों ने उक्त बिल के लिए प्रस्ताव पास नहीं किया। घटना वाले दिन मैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवन दीप समिति की बैठक से लगभग चार बजे पंचायत भवन लौटा। उसके बाद पंचायत में ही आफिस कार्य कर रहा था। उसी समय सरपंच व एक महिला पंच पंचायत भवन आए जिसके बाद सरपंच ने मुझसे पुन: उक्त राशियों को निकालने के लिए दबाव बनाया।’
‘जिस पर मैंने यह कहते हुए असहमति जताई कि बैठक में पंचों द्वारा जब तक राशि आहरण के लिए प्रस्ताव पास नहीं किया जाता तब तक मैं कुछ नहीं कर सकता। इस पर सरपंच आगबबूला हो गई और मेरे ऊपर वार करने लगी। मैंने उनसे कहा कि मैं अगर गलत हूं तो आप जनपद में मेरी शिकायत करिए। उसके बाद जो कार्रवाई होगी वो मुझे स्वीकार्य होगी। परंतु सरपंच ने मेरी एक न सुनी और मेरे ऊपर ताबड़तोड़ हमला किया। अगले दिन रात्रि में परिवार वालों से सलाह मश्ाविरा कर पांडुका थाना में एफआइआर दर्ज करवाई।’
दोनों के बीच बातचीत का रिकार्डिंग भी वायरल
घटना के समय उपस्थित ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच ने सचिव का कालर पकड़कर उसके गाल में जमकर थप्पड़ भी लगाया। इस बीच सरपंच व सचिव के मध्य मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी लोगों के मध्य जमकर वायरल हुई है। जिसमें यह स्पष्ट होता है कि सचिव ने समरसता भवन के लिए फर्जी स्टीमेंट व प्रस्ताव बनाया जिससे सरपंच काफी गुस्से में आ गई।
सचिव हमेशा करता है मनमानी
ग्राम पंचायत का सचिव जागेश्वर साहू हमेशा मनमानी करता है। उसने समरसता भवन निर्माण के लिए स्टीमेट व प्रस्ताव संबंधी दस्तावेज में मेरे लेटरहेड पर मेरा फर्जी दस्तखत किया। इसकी जानकारी लेने पर वह गोलमोल जवाब दिया, इससे आवेश में आकर मैंने पिटाई कर दी।










